प्रमोद कुमार/न्यूज़11 भारत
बरवाडीह/डेस्क: बरवाडीह प्रखंड मुख्यालय स्थित बालिका उच्च विद्यालय में शिक्षा विभाग द्वारा कराए जा रहे अतिरिक्त भवन निर्माण कार्य में एक बार फिर अनियमितता का मामला सामने आया है. रविवार को संवेदक और विभागीय अभियंता की गैर-मौजूदगी में मुंशी के माध्यम से भवन की ढलाई कराई जा रही थी, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. मामले की जानकारी मिलते ही विद्यालय प्रबंधन समिति और प्रधानाध्यापक शब्बीर खान मौके पर पहुंचे. उन्होंने नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि अभियंता की उपस्थिति में ही ढलाई कराई जाए. इसके बाद तत्काल प्रभाव से ढलाई का कार्य रुकवा दिया गया और पूरे मामले की सूचना प्रखंड विकास पदाधिकारी व स्थानीय जनप्रतिनिधियों को दे दी गई.
दोपहर में विभाग के कनीय अभियंता ऋषिकांत मौके पर पहुंचे. उन्होंने देरी का कारण अन्य योजनाओं के निरीक्षण में व्यस्त होना बताया. हालांकि, मौके पर मौजूद जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर ने विभागीय कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए लापरवाही पर जवाब मांगा, लेकिन अभियंता संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके.
जांच के दौरान ढलाई में इस्तेमाल किए जा रहे सरिया और रिंग की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठे. अभियंता द्वारा सरिया के लिए अलग-अलग कंपनियों के नाम बताए गए, लेकिन रिंग पर किसी भी कंपनी का नाम अंकित नहीं मिला. इस पर जिला परिषद सदस्य ने कड़ी आपत्ति जताते हुए सभी निर्माण सामग्री की जांच कराने के निर्देश दिए.
जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर ने कहा कि विद्यालय में रोजाना सैकड़ों बच्चे पढ़ाई करते हैं, ऐसे में निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में ही अनियमितता स्पष्ट नजर आ रही है और दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए.
वहीं कनीय अभियंता ऋषिकांत ने बताया कि ठेकेदार को मानक के अनुसार कंपनी का सरिया लगाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन बिना ब्रांड के रिंग कैसे लगाए गए, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है. प्रधानाध्यापक शब्बीर खान ने बताया कि वे जनगणना प्रशिक्षण में व्यस्त थे, लेकिन सूचना मिलते ही विद्यालय पहुंचे. उन्होंने पाया कि बिना अभियंता की मौजूदगी में ढलाई कराई जा रही थी और सरिया में लगे रिंग पर किसी कंपनी का नाम नहीं था, जो गंभीर लापरवाही का संकेत है. उन्होंने कहा कि मामले की सूचना संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दे दी गई है.
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