प्रकाश कुमार/न्यूज़11 भारत धनबाद/डेस्क: शहर के एकमात्र प्रमुख खेल मैदान गोल्फ ग्राउंड रणधीर वर्मा स्टेडियम में एक बार फिर मेले के आयोजन की तैयारियों से खिलाड़ियों और मॉर्निंग वॉर्क्स करने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. मैदान को लंबे समय के लिए गैर-खेल गतिविधियों को आवंटित करने पर धनबाद विधायक राज सिन्हा ने कड़ा विरोध जताया है, वहीं जिला प्रशासन ने संतुलन और स्थायी समाधान का भरोसा दिया है.
विधायक राज सिन्हा ने स्पष्ट किया कि खेल मैदानों पर पहला अधिकार खिलाड़ियों का है. एक-दो दिन के आयोजन तक तो ठीक है, लेकिन महीनों के लिए पूरा मैदान बुक कर देने से स्थानीय युवाओं का अभ्यास ठप हो जाता है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन ने लंबे समय के लिए मैदान आवंटन की नीति पर तुरंत रोक नहीं लगाई, तो वे इस मामले को रांची में मंत्रियों और उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाएंगे और जोरदार प्रदर्शन करेंगे.
स्थानीय खिलाड़ियों और ट्रेनर के अनुसार, बार-बार मेला लगने से रनिंग ट्रैक क्षतिग्रस्त हो जाता है. आयोजन खत्म होने के बाद मैदान में कांच के टुकड़े, नुकीली कीलें और कचरा छोड़ दिया जाता है, जिससे बच्चों के चोटिल होने का खतरा बना रहता है.
वहीं खिलाड़ियों का कहना है कि ग्राउंड में न वाशरूम की सुविधा है और न ही पीने के पानी की. करोड़ों के फंड की बातें सिर्फ कागजों और वॉकर्स पार्क तक सीमित रह जाती हैं.
धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन ने बताया कि प्रशासन खिलाड़ियों और स्थानीय व्यापारियों दोनों के हितों को ध्यान में रखकर काम कर रहा है. मेलों से स्थानीय रोजगार और हस्तशिल्प को बढ़ावा मिलता है. उन्होंने कहा कि फिलहाल बहुत कम समय के लिए अनुमति देने पर विचार हो रहा है. साथ ही धनबाद में एक समर्पित 'मेला ग्राउंड' चिन्हित किया जा रहा है, ताकि भविष्य में गोल्फ ग्राउंड को पूरी तरह खेल गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखा जा सके.
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