नीरज कुमार साहू/न्यूज11 भारत
बसिया/डेस्क: प्रखंड के नवाटोली स्थित संत अन्ना चर्च में रविवार को खजूर पर्व (पाम संडे) का आयोजन पारंपरिक उल्लास और गहरी आस्था के साथ किया गया. इस विशेष अवसर पर मसीही समुदाय के सैकड़ों लोगों ने हाथों में खजूर की डालियाँ लेकर प्रभु यीशु के यरूशलेम प्रवेश की याद ताजा की.
विशेष मिस्सा और भक्तिमय वातावरण
कार्यक्रम की शुरुआत फादर सिप्रियन कुल्लू के नेतृत्व में हुई. विशेष मिस्सा पूजा के दौरान चर्च परिसर पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबा रहा. श्रद्धालुओं ने गीतों और प्रार्थनाओं के माध्यम से प्रभु की आराधना की. इस दौरान भारी संख्या में उपस्थित जनसमूह की प्रार्थनाओं से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा.
प्रेम और त्याग का संदेश
अपने संदेश में फादर सिप्रियन कुल्लू ने खजूर पर्व के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा- "खजूर पर्व हमें प्रेम, त्याग और शांति का संदेश देता है. यह पर्व प्रभु यीशु के यरूशलेम में विनम्र प्रवेश का प्रतीक है, जो हमें सच्चाई और धर्म के मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है."
उन्होंने समाज में आपसी भाईचारा बनाए रखने और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व पर जोर देते हुए सभी से मानवता की सेवा करने का आह्वान किया.
इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में कई धर्मगुरुओं का सानिध्य प्राप्त हुआ. मौके पर मुख्य रूप से फादर अमृत एक्का,फादर अमृत तिर्की,फादर जॉन अल्बर्ट बाड़ा,फादर माइकल टोप्पो, फादर निकोलस सोरेंग सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे.
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