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ओरमांझी/डेस्क: ओरमांझी. रांची जिले के ओरमांझी की प्रतिभाशाली फुटबॉल खिलाड़ी दिव्यानी लिंडा ने अपने संघर्ष, समर्पण और कड़ी मेहनत के दम पर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. वह रांची की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं, जिन्हें AFC U-17 Women's एशियाई कप में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है. इस वर्ष झारखंड से एक साथ 4 खिलाड़ियों का चयन हुआ है, जो राज्य के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है.दिव्यानी लिंडा चंदरा पंचायत के चंदरा गांव की निवासी हैं. सीमित संसाधनों, खेल मैदान की कमी और पारिवारिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया. कठिन परिस्थितियों में भी उनका आत्मविश्वास और मेहनत उन्हें लगातार आगे बढ़ाता रहा, जिसका परिणाम आज पूरे देश के सामने है.
दिव्यानी स्टार वारियर्स फुटबॉल क्लब , कांके ब्लॉक में संचालित क्लब की प्रमुख खिलाड़ी हैं. उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा कांके क्षेत्र और क्लब गौरवान्वित हुआ है.दिव्यानी की सफलता के पीछे उनके कोच अनवरूल हक (बबलू) का विशेष योगदान रहा है, जो क्लब के संस्थापक भी हैं. उन्होंने दिव्यानी की प्रतिभा को पहचान कर उसे निखारा और हर कठिन समय में मार्गदर्शन दिया.दिव्यानी लिंडा झारखंड की दूसरी खिलाड़ी बन चुकी हैं, जिन्हें इतने बड़े एशियाई स्तर के टूर्नामेंट में खेलने का अवसर मिला है. वहीं, रांची की पहली खिलाड़ी बनकर उन्होंने एक नया इतिहास स्थापित किया है.दिव्यानी की सफलता हर उस युवा खिलाड़ी के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखता है.इस उपलब्धि पर स्टार वॉरियर्स फुटबॉल क्लब के संरक्षक जगदीश सिंह (जग्गू), कांके उप प्रमुख अजय कुमार बैठा, कोषाध्यक्ष सह पंचायत समिति सदस्य रेशमी तिर्की, तथा देवेंद्र स्वामी प्रकाश, छोटू टोप्पो, सुरेन्द्र उरांव, डॉ. शहनवाज कुरैशी, समंदर लाल, रामेंद्र कुमार, राणा मिश्रा, नुरुल हक, एकरामुल अंसारी सहित अन्य सदस्यों ने दिव्यानी को बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं.
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