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हजारीबाग/डेस्क: झारखंड के हजारीबाग जिले के डीसी रहे IAS अधिकारी विनय चौबे से जुड़े वन भूमि घोटाले में आरोपी बनीं स्निग्धा सिंह को फिलहाल राहत नहीं मिली है. उनका अग्रिम जमानत याचिका पर गुरुवार को कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें उनके अधिवक्ता ने जमानत देने और पीड़क कार्रवाई पर रोक लगाने का आग्रह किया. हालांकि, कोर्ट ने एसीबी से केस डायरी मंगवाने का आदेश दिया और फिलहाल गिरफ्तारी पर कोई रोक नहीं लगाई है. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को तय की है.
इस घोटाले में एसीबी ने विनय चौबे के करीबी ऑटोमोबाइल कारोबारी विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह को भी नामजद आरोपी बनाया है. एसीबी के मुताबिक, जिस वन भूमि पर अवैध कब्जे और म्यूटेशन के मामले सामने आए हैं, वह भूमि विनय सिंह और उनकी पत्नी के नाम पर दर्ज है.
यह भूमि हजारीबाग के सदर अंचल के थाना नंबर 252 में स्थित है, जिसका खाता नंबर 95, प्लॉट नंबर 1055, 1060 और 848 है, और कुल रकबा 28 डिसमिल के आस-पास है. वहीं, खाता नंबर 73 और प्लॉट नंबर 812 का रकबा 72 डिसमिल है. इस भूमि पर फिलहाल नेक्सजेन शोरूम संचालित हो रहा है, जिसे विनय सिंह और स्निग्धा सिंह के कब्जे में बताया जा रहा है. ACB के विशेष लोक अभियोजक ने कोर्ट में बहस की, वहीं स्निग्धा सिंह की ओर से अधिवक्ता शंकर बनर्जी ने अपनी दलीलें पेश कीं. इस मामले में आगे की कारवाई और सुनवाई अब 29 अक्टूबर को होगी.
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