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रांची/डेस्क: झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मंईया सम्मान योजना के तहत बड़ी संख्या में महिलाओं को सम्मान राशि नहीं मिल पा रही हैं. ताजा समीक्षा में सामने आया है कि राज्य की 3,05,892 लाभुक महिलाओं के बैंक खाते में विभिन्न तकनीकी कारणों से भुगतान अटका हुआ हैं. इनमें आधार सीडिंग नहीं होना, नाम में मिसमैच, गलत नाम दर्ज होना और वेरिफिकेशन लंबित रहना प्रमुख कारण हैं.
बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा निदेशालय द्वारा इन सभी मामलों की जांच कर डेटा सुधार और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया तेज कर दी गई हैं. प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र महिलाओं को 2500 रुपये की सम्मान राशि जारी की जाएगी.
7.72 लाख आवेदन अब भी लंबित
महिला एवं बाल विकास विभाग के नए सचिव उमा शंकर सिंह ने शुक्रवार को योजना की विस्तृत समीक्षा की. बैठक में बताया गया कि मंईया सम्मान योजना पोर्टल पर कुल 7,72,446 आवेदन लंबित हैं. सबसे अधिक लंबित आवेदन रांची (71,734), धनबाद (68,307) और पलामू (67,231) जिलों में हैं. इसके अलावा गिरिडीह, पश्चिमी सिंहभूम, देवघर, पूर्वी सिंहभूम, बोकारो, साहिबगंज, रामगढ़, चतरा, दुमका, गोड्डा, सरायकेला-खरसावां, खूंटी, पाकुड़, लातेहार, कोडरमा, गुमला, लोहरदगा, जामताड़ा और सिमडेगा जिलों में भी हजारों आवेदन प्रक्रिया में लंबित हैं.
ओबीसी वर्ग की सबसे अधिक लाभुक
समीक्षा में यह भी सामने आया कि कुल 3,05,892 लंबित लाभुकों में सबसे अधिक 1,34,949 महिलाएं ओबीसी वर्ग से हैं. इसके अलावा अनुसूचित जाति वर्ग की 89,522, सामान्य वर्ग की 45,271 और अनुसूचित जनजाति (एसटी) की 36,150 लाभुकों के रिकॉर्ड की समीक्षा की जा रही हैं. गिरिडीह (20,420), रांची (17,974) और हजारीबाग (17,829) जिलों में ओबीसी वर्ग की सर्वाधिक लाभुकों का भुगतान अटका हुआ हैं.
भुगतान रुकने के प्रमुख कारण
बैठक में भुगतान अटकने के कारणों की विस्तृत जानकारी दी गई.
- 5,438 मामलों में आधार अमान्य पाया गया
- 66,021 मामलों में आधार डुप्लीकेट दर्ज है
- 15,004 मामलों में बैंक खाते में त्रुटि मिली
- तीन जिलों में 26,185 आवेदन विभिन्न कारणों से लंबित है
इनमें रांची में 13,622, पश्चिमी सिंहभूम में 6,345 और गोड्डा में 6,218 आवेदन अब भी प्रक्रिया में हैं.
इन जिलों की महिलाओं को मिलेगा भुगतान
डेटा सुधार के बाद जिन जिलों की महिलाओं को सम्मान राशि जारी की जानी है, उनमें रांची (44,417), हजारीबाग (34,170), गिरिडीह (33,081), देवघर (17,403), गढ़वा (15,072), साहिबगंज (14,755), पश्चिमी सिंहभूम (14,104), धनबाद (14,318), बोकारो (12,661), गुमला (12,519), पूर्वी सिंहभूम (11,821), चतरा (11,006), पलामू (10,153), पाकुड़ (9,799), दुमका (9,164), गोड्डा (8,612), सरायकेला (7,326), लातेहार (4,740), खूंटी (4,728), सिमडेगा (4,547), रामगढ़ (4,219), जामताड़ा (2,938), लोहरदगा (2,736) और कोडरमा (1,603) शामिल हैं.
सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन किया जाए ताकि पात्र महिलाओं को सम्मान राशि का लाभ मिल सके. विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन लाभुकों के दस्तावेज सही पाए जाएंगे, उन्हें सुधार के बाद एकमुश्त भुगतान किया जाएगा.
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