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रांची/डेस्क: JSSC-CGL पेपर लीक मामले में झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. अनुसंधान जारी होने का हवाला देकर सरकार की ओर से समय मांगा गया. मामले में 15 अक्टूबर को अगली सुनवाई होगी. राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने बहस की. महाधिवक्ता ने कोर्ट में पेपर लीक होने से इनकार किया. महाधिवक्ता के द्वारा बताया गया कि प्रार्थी की ओर से जो तस्वीर पेश की गई है वह परीक्षा के बाद की है.
अधिकारी संतोष कुमार मस्ताना और DSP विकाश चंद्र श्रीवास्तव के बीच की वॉट्सएप चैट
वहीं, प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता अजीत कुमार ने बहस की, जिन्होंने पेपर प्रश्न उतर से संबंधित वॉट्सएप चैट के बारे में कोर्ट को बताया. साथ ही अधिकारी संतोष कुमार मस्ताना और DSP विकाश चंद्र श्रीवास्तव के बीच की वॉट्सएप चैट के बारे में कोर्ट को बताया. दोनों पार्ट टाइम शिक्षक है. गेस के आधार पर कई प्रश्न और उत्तर से संबंधित बातचीत इन दोनों के बीच वॉट्सएप चैट में हुई थी.
याचिकाकर्ताओं ने परीक्षा रद्द कर सीबीआई जांच की मांग की
बता दें कि 21 और 22 सितंबर 2024 को 2025 पद के लिए JSSC-CGL की परीक्षा हुई थी. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बाजूद पेपर लीक का आरोप लगा था. मामले की जांच CID ने की. वहीं, याचिकाकर्ताओं ने परीक्षा रद्द कर सीबीआई जांच की मांग की है.
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