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रांची/डेस्क: धुर्वा के अंश और अंशिका की बरामदगी जहां राजधानी रांची ने चैन की सांस ली है. वहीं झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस घटना (वारदात) की पूरी कहानी बयां की. प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत करते हुए डीजीपी ने रांची एसएसपी सहित पूरी टीम को बधाई दी. उन्होंने कहा कि एडीजी मनोज कौशिक के नेतृत्व में पूरी टीम ने शानदार काम किया जिसके कारण यह सफलता मिली है. पूरी टीम ने कड़ी मेहनत की और मुश्किल से लग रहे काम को आसान करके दिखाया. टीम ने रात-रात भर जाग कर मामले का उद्भेदन किया है.
डीजीपी ने बताया कि मामले का उद्भेदन करने के लिए रांची की विशेष टीम दूसरे राज्यों में भी गयी. अंत में यह पता लगाने में सफल रहे कि घटना को अंजाम अंतरराज्यीय टीम ने दिया है.
डीजीपी ने बतया कि अभियान को लेकर ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, छत्तीसगढ़, राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र सहित 12 राज्यों में टीमें भेजी गयी थी. अनुसंधान के दौरान 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया. 5000 से ज्यादा वाहनों का सत्यापन किया गया. इसके बाद जाकर रामगढ़ के चितरपुर से दोनों बच्चों को बरामद किया गया.
उन्होंने कहा कि बच्चों की चोरी मामले में अंतरराज्यीय गिरोह का हाथ है. यह मामला ह्यूमन ट्रैफिकिंग से जुड़ा मामला है. मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस की तफ्तीश अब भी जारी है. डीजीपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिटी एसपी और ट्रैफिक एसपी भी मौजूद थे. प्रेस वार्ता के समय बरामद किये गये दोनों बच्चे डीजीपी की गोद में भी बैठे थे.
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