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रांची/डेस्क: झारखंड विधानसभा अब डिजिटल और पेपरलेस प्रणाली की ओर कदम बढ़ा रही हैं. विधायी कार्यों को आधुनिक बनाने के लिए मंत्रियों और विधायकों को कंप्यूटर टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे. इसके उपयोग के लिए उन्हें विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NEVA) को लागू करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने सभा कक्ष में स्थापित डिजिटल उपकरणों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए.
प्रशिक्षण सत्र के दौरान जनप्रतिनिधियों को टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनके माध्यम से वे एनईवीए प्लेटफॉर्म पर प्रश्नोत्तर, कार्यसूची, विधेयक, प्रस्ताव और ध्यानाकर्षण सूचनाओं जैसे कार्यों का संचालन करना सीखेंगे. आगामी बजट सत्र से विधानसभा की कार्यवाही आंशिक रूप से इसी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित करने की योजना हैं.
एनईवीए एक समेकित डिजिटल प्रणाली है, जिसके जरिए सदन की कार्यवाही और समिति प्रतिवेदन का इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तैयार किया जा सकेगा. इससे कागज के उपयोग में कमी आएगी और कामकाज अधिक पारदर्शी, तेज और व्यवस्थित होगा. 11 फरवरी को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विधानसभा परिसर में एनईवीए सेवा केंद्र का औपचारिक उद्घाटन करेंगे. इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर सहित सभी मंत्री और विधायक आमंत्रित है. उद्घाटन के बाद सेंट्रल हॉल में दोपहर 12:30 बजे से तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. विधानसभा सचिवालय ने इस संबंध में सभी संबंधित सदस्यों को सूचना भेज दी हैं.
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