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जामताड़ा/डेस्क: रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने मानव तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है. पटना-हावड़ा जन शताब्दी एक्सप्रेस के जनरल कोच से 7 नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया गया है, जिन्हें काम कराने के उद्देश्य से जबरन हावड़ा ले जाया जा रहा था. इस संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने तीन संदिग्ध मानव तस्करों को भी गिरफ्तार किया है. जीआरपी पीपी प्रभारी विमल कुमार से मिली जानकारी के मुताबिक, सुरक्षा बलों को ट्रेन में बच्चों को ले जाए जाने की गुप्त सूचना मिली थी. जैसे ही गाड़ी चित्तरंजन रेलवे स्टेशन पर रुकी, GRP और RPF की टीम ने संयुक्त रूप से जनरल कोच में छापेमारी की.
घेराबंदी कर पुलिस ने मौके से तीन संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इजाज अंसारी, मो. सूफियान, और मो. साजिद अंसारी के रूप में हुई है. पकड़े गए तीनों आरोपी बिहार के जमुई जिले के झाझा के रहने वाले बताए जा रहे हैं. शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि ये तीनों आरोपी सभी 7 नाबालिग बच्चों को बहला-फुसलाकर हावड़ा की एक फैक्ट्री में बाल मजदूरी कराने के उद्देश्य से ले जा रहे थे.
बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू करने के बाद कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के हवाले कर दिया गया है, जहां उनकी काउंसलिंग की जा रही है. वहीं, गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ मानव तस्करी की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
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