प्रेम कुमार सिंह/न्यूज 11 भारत.
भरनो/डेस्क: प्रखंड क्षेत्र के मुस्लिम बहुल गांवों में बुधवार को पैगंबर हजरत मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम की पैदाइश की याद में ईद-उल-मिलादुन्नबी का पर्व धूमधाम,हर्षोल्लास और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया.इस अवसर पर विभिन्न गांवों में जुलूस-ए-मुहम्मदी निकाला गया,जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम धर्मावलंबियों ने अकीदतमंदी के साथ हिस्सा लिया. भरनो, परसा, मलगो, पबेया, पहाड़केसा, लौंगा, डोम्बा, रायकेरा सहित कई गांवों में निकाले गए जुलूस में बच्चे,युवा और बुजुर्ग शामिल हुए.जुलूस के दौरान लोगों ने नबी-ए-पाक की शान में नारे लगाए. “रसूल की आमद मरहबा”, “पत्ता-पत्ता फूल-फूल, या रसूल,या रसूल” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा.जुलूस में शामिल लोग धार्मिक झंडे लेकर और नात-ए-पाक पढ़ते हुए विभिन्न मार्गों से गुजरे.इस दौरान क्षेत्र में उत्सव और धार्मिक आस्था का माहौल बना रहा,
ईद-उल-मिलादुन्नबी को लेकर सभी संबंधित गांवों की मस्जिदों में कुरानखानी और फातेहाखानी का आयोजन किया गया.इसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम धर्मावलंबियों ने शिरकत की. फातेहाखानी के बाद हजरत मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम के नाम पर दुआ-ए-खैर की गई.लोगों ने अपने परिवार और समाज की खुशहाली,तरक्की,क्षेत्र में अमन-चैन तथा देश की उन्नति और आपसी भाईचारे के लिए अल्लाह से दुआ मांगी.भरनो स्थित जमा मस्जिद में भी ईद-उल-मिलादुन्नबी के अवसर पर विशेष आयोजन किया गया.फातेहाखानी के बाद मौलाना इमाम हुसैन ने पर्व की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ईद-उल-मिलादुन्नबी हमारे नबी हजरत मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम की पैदाइश और वफात की याद में मनाया जाता है.
उन्होंने कहा कि नबी-ए-पाक ने पूरी मानवता को प्रेम,भाईचारे,इंसानियत और शांति का संदेश दिया.जरूरत है कि हम उनके बताए हुए रास्ते और नक्श-ए-कदम पर चलें.तभी दुनिया और आखिरत दोनों में कामयाबी हासिल हो सकती है.उन्होंने लोगों से आपसी प्रेम और भाईचारा बनाए रखने तथा समाज में शांति और सौहार्द का वातावरण कायम रखने की अपील की. कार्यक्रम के दौरान देश और समाज की खुशहाली एवं तरक्की के लिए भी विशेष दुआ की गई.पर्व को लेकर सभी गांवों में लोगों में खासा उत्साह देखा गया.जुलूस और धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए.आयोजन को सफल बनाने में संबंधित गांवों के सदर,सेक्रेटरी,अंजुमन के सदस्यों तथा स्थानीय लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
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