संतोष कुमार/न्यूज़11 भारत
सरायकेला/डेस्क: उपायुक्त सरायकेला-खरसावाँ के निर्देशानुसार जिले के विभिन्न प्रखंडों में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) एवं महिला पर्यवेक्षिका (LS) द्वारा विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया गया.
निरीक्षण के दौरान केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति, पूरक पोषण आहार वितरण, विद्यालय पूर्व शिक्षा गतिविधियों, स्वच्छता व्यवस्था, अभिलेखों के संधारण, आधारभूत सुविधाओं तथा केंद्रों के नियमित संचालन का जायजा लिया गया. साथ ही केंद्रों में संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं लाभुकों को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.
निरीक्षण के क्रम में आंगनवाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं को केंद्रों का नियमित एवं समयबद्ध संचालन सुनिश्चित करने, बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों को विभागीय प्रावधानों के अनुरूप सभी सेवाएं उपलब्ध कराने, पूरक पोषण आहार का नियमित वितरण सुनिश्चित करने तथा सभी अभिलेखों का अद्यतन एवं सुव्यवस्थित संधारण करने का निर्देश दिया गया.
साथ ही पोषण ट्रैकर पर बच्चों की नियमित वृद्धि निगरानी (Growth Monitoring) शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने, प्रत्येक बच्चे की लंबाई एवं वजन का समयबद्ध मापन कर अद्यतन प्रविष्टि करने, कुपोषित एवं अति कुपोषित (SAM/MAM) बच्चों की समय पर पहचान कर आवश्यक पोषण परामर्श एवं उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर ऐसे बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (MTC) में भर्ती कराते हुए समय पर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए. इसके अतिरिक्त गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के नियमित अनुश्रवण, पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी परामर्श, बच्चों के समय पर टीकाकरण तथा सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से कुपोषण की रोकथाम पर विशेष बल दिया गया.
इसके अतिरिक्त केंद्र परिसर में स्वच्छता बनाए रखने, बच्चों के लिए सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने, विद्यालय पूर्व शिक्षा गतिविधियों का प्रभावी संचालन करने तथा सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने का निर्देश दिया गया. निरीक्षण के दौरान जिन केंद्रों में आवश्यक सुधार की आवश्यकता पाई गई, वहां संबंधित कर्मियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए.
उपायुक्त ने जिला समाज कल्याण पदाधिकारी (DSWO) को आंगनवाड़ी केंद्रों के कार्यों की नियमित समीक्षा करने, केंद्रों में लाभुकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं पर विशेष निगरानी रखने तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं का पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. साथ ही निरीक्षण के दौरान प्राप्त प्रतिवेदनों के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं. जिला प्रशासन द्वारा बताया गया कि आंगनवाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण एवं अनुश्रवण निरंतर जारी रहेगा, ताकि सभी पात्र लाभुकों तक विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से सुनिश्चित किया जा सके.