नीरज कुमार साहू/न्यूज11 भारत
बसिया/डेस्क: शनिवार को बसिया प्रखंड के कोनबीर सरहुल मैदान महिला सशक्तिकरण का गवाह बना. अवसर था महिला विकास मंडल के 11वें वार्षिक अधिवेशन का, जहाँ हजारों की संख्या में जुटी महिलाओं ने अपनी एकजुटता का परिचय दिया. मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद सिसई विधायक जिग्गा सुसारण होरो ने महिलाओं के जज्बे को सलाम करते हुए उन्हें समाज की असली 'शक्ति' बताया.
शिक्षा और संस्कार पर जोर
विधायक ने अपने संबोधन में कहा कि केवल आर्थिक रूप से मजबूत होना काफी नहीं है, बल्कि शिक्षा वह चाबी है जो तरक्की के बंद दरवाजे खोलती है. उन्होंने कहा बच्चों को जरूर पढ़ाएं, क्योंकि बिना शिक्षा के न तो अच्छी खेती संभव है और न ही व्यापार या नौकरी.
महिला मंडल से जुड़कर माताएं-बहनें न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही हैं.
प्रशासनिक अधिकारियों को ' डेडलाइन' और चेतवानी
अधिवेशन के बाद विधायक का तेवर उस वक्त सख्त दिखा जब वे बसिया ब्लॉक का निरीक्षण करने पहुंचे. बीडीओ सुप्रिया भगत और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए:ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग सीधे और सरल होते हैं. म्यूटेशन (दाखिल-खारिज), जाति या आय प्रमाण पत्र जैसे कार्यों के लिए उन्हें बार-बार ब्लॉक न बुलाएं. जो काम समय पर हो सकता है, उसे तत्काल निपटाएं.
विधायक ने रेफरल अस्पताल के डॉक्टरों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों के साथ व्यवहार में सुधार लाएं और अपनी ड्यूटी के प्रति ईमानदार रहें. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ग्रामीणों की ओर से लापरवाही की शिकायत मिली, तो वे सीधे कार्रवाई की अनुशंसा करेंगे.
कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्ष किरण माला बाड़ा, झामुमो प्रखंड अध्यक्ष सुकरात उरांव, रोशन बारवा, चैतू उरांव, जयंत दास और बीडीओ सुप्रिया भगत सहित भारी संख्या में प्रखंड की महिलाएं उपस्थित रहीं.
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