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रांची/डेस्क: तेतुलिया में 103 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में आरोपी विमल अग्रवाल की जमानत याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार से केस डायरी पेश करने को कहा है और इसके लिए दो सप्ताह का समय दिया हैं.
बताया जा रहा है कि आरोपी विमल कुमार अग्रवाल की जमानत याचिका पहले ही सुप्रीम कोर्ट से खारिज हो चुकी हैं. इसके बावजूद अब हाईकोर्ट में याचिका पर सुनवाई जारी हैं. इस पूरे मामले में सीआईडी की ओर से कांड संख्या 4/2025 दर्ज किया गया हैं. आरोप है कि वर्ष 2012 में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 103 एकड़ जमीन की गलत तरीके से जमाबंदी कर दी गई थी. जमाबंदी कराने वाले तत्कालीन अंचल अधिकारी को सरकार ने जांच के बाद बर्खास्त कर दिया था. वहीं इस मामले में एसडीओ, भूमि सुधार उप समाहर्ता, अंचल निरीक्षक, राजस्व कर्मचारी और अमीन पर भी गंभीर आरोप लगे हैं.
जानकारी के अनुसार, सतनपुर और तेतुलिया की पहाड़ी व वन भूमि बोकारो इस्पात संयंत्र (BSL) को सरकार द्वारा आवंटित की गई थी. हालांकि, इस जमीन का उपयोग नहीं होने के कारण यह लंबे समय से खाली पड़ी थी. रिवीजनल सर्वे 1980 और 2013 में प्रकाशित हुआ था, लेकिन करीब 33 वर्षों तक किसी ने इस जमीन पर दावा या आपत्ति नहीं जताई. इसके बावजूद 2012 में तत्कालीन अंचल अधिकारी ने फर्जी कागजात के आधार पर 103 एकड़ जमीन की जमाबंदी कर दी. मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार ने जांच कर दोषी अंचल अधिकारी को बर्खास्त कर दिया था.
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