मुमताज अहमद/न्यूज11 भारत
खलारी/डेस्क: खलारी. मैकलुस्कीगंज क्षेत्र के हेसालोंग सुड़ी समाज ने सामाजिक सुधार की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए मृत्यु भोज की प्रथा को समाप्त करने का निर्णय लिया है. शुक्रवार 28 मार्च को दामोदर नदी तट पर समाज के लोगों की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के सदस्य शामिल हुए. बैठक की अध्यक्षता कुलदीप साहु ने की. बैठक में समाज के लोगों ने कहा कि मृत्यु भोज की परंपरा अब समाज के लिए एक अभिशाप बनती जा रही है. आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों को इससे अधिक परेशानी नहीं होती, लेकिन मध्यम एवं गरीब परिवारों के लिए यह परंपरा भारी आर्थिक बोझ बन जाती है, जिसके कारण कई परिवार कर्ज के जाल में फंस जाते हैं. लंबी चर्चा के बाद सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि मृत्यु के बारहवें दिन होने वाले भोज से पीड़ित परिवार को पूरी तरह मुक्त रखा जाएगा. समाज के लोगों ने तय किया कि उस दिन सभी लोग पीड़ित परिवार के घर जाएंगे, उनके साथ बैठकर दुख साझा करेंगे और घर में उपलब्ध साधारण प्रसाद ग्रहण कर वापस लौट आएंगे.
इसके साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि मृत्यु के बाद किसी भी व्यक्ति से औपचारिक बुलाहट की अपेक्षा नहीं की जाएगी. जिस भी माध्यम से सूचना मिले, समाज के लोग अंतिम संस्कार में शामिल होंगे. वहीं दसकर्मा से जुड़े पारंपरिक कार्यक्रम पहले की तरह जारी रहेंगे. बैठक में पंडित से संबंधित कार्यक्रमों पर भी चर्चा की गई. इस मौके पर सोनू साहु, संदीप कुमार, गोपाल साहु, जितेंद्र भारतीय, बसंत कुमार, पंकज, सुमित कुमार, मदन साहु, ठाकुर साहु सहित समाज के सैकड़ों गणमान्य लोग उपस्थित थे.
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