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रांची/डेस्क: एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने हजारीबाग के तत्कालीन DC IAS विनय चौबे के करीबी विनय सिंह को गुरुवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. विनय सिंह पर सेवायत और वन भूमि की अवैध ढंग से खरीद-बिक्री में शामिल होने का आरोप है.
गिरफ्तारी की वजह
ACB ने विनय सिंह को इसलिए गिरफ्तार किया, क्योंकि एजेंसी को यह आशंका थी कि विनय सिंह इस केस से जुड़े गवाहों को प्रलोभन देकर या धमकी देकर प्रभावित कर सकते हैं. इसके अलावा, उन्होंने अब तक ACB की पूछताछ में सहयोग नहीं किया. इस केस के जांच अधिकारी (IO) सुदामा राम ने विनय सिंह को समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था. ACB के बुलावे पर विनय सिंह पूछताछ में शामिल होने पहुंचे, लेकिन लगभग छह घंटे की पूछताछ के दौरान उन्होंने एजेंसी को सहयोग नहीं किया, जिसके बाद ACB ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
साक्ष्य मिटाने और सबूतों से छेड़छाड़ का अंदेशा
ACB को इस बात का भी अंदेशा था कि अगर केस की जांच के दौरान विनय सिंह को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे इस केस के साक्ष्य मिटाते और सबूतों के साथ छेड़छाड़ करते. विनय सिंह को जिस मामले में गिरफ्तार किया गया है, वह वन भूमि की अवैध तरीके से खरीद-बिक्री से जुड़ा हुआ है.
दर्ज हुआ केस, DC समेत कई अधिकारी आरोपी
इस मामले में ACB ने कांड संख्या 11/2025 दर्ज की है. इस केस में हजारीबाग के तत्कालीन DC विनय चौबे, तत्कालीन अंचल अधिकारियों समेत जिला प्रशासन के अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है. विनय सिंह की गिरफ्तारी के बाद अब एजेंसी इस केस में अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए कई लोगों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुला सकती है.
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