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रांची/डेस्क: उपराष्ट्रपति की गरिमामयी उपस्थिति में आज आयोजित भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) रांची के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सभी उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह दिन उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो उनके परिश्रम, अनुशासन एवं समर्पण का परिणाम है. उन्होंने विद्यार्थियों को न केवल उत्कृष्ट पेशेवर बनने, बल्कि संवेदनशील एवं उत्तरदायी नागरिक के रूप में समाज एवं राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया.
राज्यपाल ने कहा कि भारतीय प्रबंध संस्थान, रांची देश के अग्रणी प्रबंधन संस्थानों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है. यह संस्थान उत्कृष्ट शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. उन्होंने कहा कि ऐसे उच्च कोटि के संस्थान जिस भी राज्य में स्थापित होते हैं, वे उस राज्य के लिए गौरव का विषय होते हैं. उन्होंने संस्थान में स्थापित ‘अटल बिहारी वाजपेयी सेंटर फॉर पॉलिसी, लीडरशिप एंड गवर्नेंस’ तथा भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर स्थापित ‘सेंटर फॉर ट्राइबल अफेयर्स’ की सराहना करते हुए कहा कि ये केंद्र समावेशी विकास, सुशासन एवं सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं.
राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिवेश में चुनौतियों के साथ-साथ अवसर भी व्यापक हैं. ऐसे समय में युवाओं को अपने निर्णयों में नैतिकता, पारदर्शिता एवं मानवीय मूल्यों को सर्वोपरि रखना चाहिए. उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान, ऊर्जा एवं नवाचार के बल पर देश को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में योगदान दें. उन्होंने कहा कि जहाँ भी जाएँ, जिस भी क्षेत्र में कार्य करें, वहाँ केवल सफलता ही नहीं, बल्कि उत्कृष्टता एवं मानवीय मूल्यों की पहचान बनें. एक अच्छा प्रबंधक बनना महत्वपूर्ण है, किंतु एक अच्छा इंसान बनना उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है.
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के मंत्र के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है. उनके नेतृत्व में भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है तथा तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है. ऐसे समय में युवा प्रतिभाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है.
इस अवसर पर राज्यपाल ने उपराष्ट्रपति का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि उनका झारखंड से विशेष आत्मीय संबंध रहा है तथा उनकी गरिमामयी उपस्थिति से यह समारोह और अधिक प्रेरणादायी एवं स्मरणीय बन गया है. उन्होंने उपराष्ट्रपति के सचिव अमित खरे का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने लोक भवन, झारखंड में प्रधान सचिव के रूप में लगभग साढ़े चार वर्षों तक अपनी सेवाएँ दी हैं तथा केन्द्र सरकार में शिक्षा, सूचना एवं प्रसारण सहित अनेक महत्वपूर्ण मंत्रालयों में उनका योगदान सराहनीय रहा है. प्रधानमंत्री के सलाहकार के रूप में भी उन्होंने उल्लेखनीय सेवा प्रदान कर अपनी दक्षता एवं दूरदर्शिता का परिचय दिया है. राज्यपाल ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें जीवन में उत्कृष्टता एवं मानवीय मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया.
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