अरुण कुमार यादव/न्यूज11 भारत
गढ़वा/डेस्क: गढ़वा उपायुक्त दिनेश यादव की अध्यक्षता में समाहरणालय के सभागार में आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास व स्क्रीनिंग समिति की बैठक आयोजित की गई. उक्त बैठक में प्रभारी पदाधिकारी जिला सामान्य शाखा सुशील कुमार राय द्वारा आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को अनुमान्य लाभ प्रदान करने की अद्यतन स्थिति से उपायुक्त श्री यादव को अवगत कराया गया. आत्मसमर्पित नक्सलियों को आत्म समर्पण के उपरांत पुनर्वास नीति के तहत प्रदान किए जाने वाले अनुमान्य लाभ में विभिन्न लंबित कार्यों को शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया गया.
बतातें चलें कि नक्सली आत्मसमर्पण वह प्रक्रिया है जिसमें हिंसक माओवादी विचारधारा का पालन करने वाले हथियारबंद विद्रोही हिंसा का रास्ता छोड़, सरकार और सुरक्षा बलों के सामने हथियार डालते हैं. मुख्यधारा में लौटने की इस नीति के तहत, आत्मसमर्पित नक्सलियों को वित्तीय सहायता, रोजगार, शिक्षा और सुरक्षा प्रदान की जाती है, जिसका उद्देश्य उन्हें समाज में पुनः एकीकृत करना है.
फलस्वरूप आत्मसमर्पित नक्सलियों को आत्मसमर्पण उपरांत पुर्नवास नीति के तहत प्रदान किए जाने वाले अनुमान्य लाभ यथा- पुनर्वास अनुदान, घोषित पुरस्कार भुगतान, व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं परिवार के सदस्यों का जीवन बीमा, पुनर्वास दर्ज कांड में पैरवी के लिए अधिवक्ता का भुगतान, सरकारी चिकित्सा, स्व नियोजन आदि लंबित कार्यों को शीघ्र निष्पादित करने का निर्देश उपायुक्त द्वारा संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया.
गढ़वा जिले में आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों की कुल 12 आवेदन प्राप्त हैं. उक्त बैठक में गढ़वा पुलिस अधीक्षक अमन कुमार, उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा, अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, जिला कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश, पुलिस उपाधीक्षक यशोधरा, गढ़वा सिविल सर्जन डॉक्टर जॉन.एफ कैनेडी, जिला शिक्षा अधीक्षक गढ़वा अनुराग मिंज आदि समेत अन्य संबंधित उपस्थित थें.
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