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बहरागोड़ा/डेस्क: बीती रात दुधकुंदी क्षेत्र के किसानों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं थी. रात के सन्नाटे में हाथियों के दो विशाल झुंडों ने गांव में प्रवेश किया और देखते ही देखते करीब तीन से चार एकड़ में लहलहाती फसलों को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथियों का यह झुंड रात लगभग 12:00 बजे इलाके में दाखिल हुआ और तड़के 2:00 बजे तक खेतों में जमकर उत्पात मचाया. हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत फैल गई. लोग अपने दूर से ही बेबस होकर अपनी मेहनत की कमाई को उजड़ते हुए देखते रहे.
वहीं इस प्राकृतिक आपदा ने कई मध्यम और छोटे किसानों की कमर तोड़ दी है.जिसमें अनिल साहू, जगन्नाथ साहू, स्वपन टुडू, शिशिर गिरी,अनिमेष साहू , स्वपन साहू, प्रकाश माझी, अनूप नायक और विकास नायक के खेत में लगे गरमा धान के फसल को तहस-नहस कर दिया.इन किसानों की मेहनत से तैयार फसल अब मिट्टी में मिल चुकी है. किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर और दिन-रात एक करके खेती की थी, लेकिन चंद घंटों में सब कुछ बर्बाद हो गया.
प्रशासन से मुआवजे की मांग
घटना के बाद से क्षेत्र में डर और गुस्से का माहौल है. ग्रामीणों ने वन विभाग और स्थानीय प्रशासन से तत्काल नुकसान का आकलन करने और पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है. साथ ही, हाथियों को रिहायशी इलाकों से दूर रखने के लिए पुख्ता इंतजाम करने की भी अपील की गई है.
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