संतोष कुमार/न्यूज़11 भारत
चांडिल/डेस्क: चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों बिजली आपूर्ति को लेकर ग्रामीण परेशान है. इसी समस्या को लेकर ग्रामीण उग्र हो गए लंबे समय के हो हंगामा के बाद वार्ता शुरू हुई इसी दौरान ग्रामीणों के शिकायत पर बिजली विभाग के एग्जेक्युटिव इंजीनियर लालजी प्रसाद ने कहा कि बिजली विभाग बनिये का दुकान है यहां पैसा तो लगेगा ही. ग्रामीणों का आरोप था कि बिजली सेवा के लिए अगर किसी फील्ड मिस्त्री को बुलाते है तो उन्हें नगद पैसा देकर काम करवाना पड़ता है ईसपर एग्जेक्युटिव इंजीनियर लालजी प्रसाद ने पलटवार करते हुए कहा कि बिजली विभाग बनिये का दुकान है यहाँ पैसा तो लगेगा ही.
अगर अधिकारी ही इस तरह का बयान देंगे तो मिस्त्री तो सीना तान के पैसा की मांग करेंगे. उनका ये बयान अब चौक चौराहों में चर्चा का विषय बना हुआ है. जिससे लोग बिजली विभाग को कौश रहे है. लोगो का आरोप है कि थोड़ा बहुत पानी का बूंदा बूंदी करने से ही बिजली सेवा को बंद कर दिया जाता है. एक बार बिजली काटने में बाद दोबारा बिजली कब दिया जाएगा ये किसी को नही पता. लोग बिजली के दोबारा आने के इन्तेजार में सुबह से शाम शाम से रात फिर रात से सुबह तक इंतेजार करते रह जाते है.
ज्ञात हो कि क्षेत्र जंगली हाथियों का प्रभावित क्षेत्र है और यहाँ अंधेरा होने से जंगली हाथियों का झुंड गांव में घुस जाता है. जब ग्रामीणों ने कहा कि रात को अंधेरा रहने से जंगली हाथी गांव में घुस जाता है और जान माल की हानि होती है जंगली हाथी कई लोगो का जान भी ले चुका है इस पर एग्जेक्युटिव इंजीनियर ने कहा कि अगर हाथी हमारे स्टाफ को मारता है तो उसका क्या होगा इसलिए फील्ड स्टाफ रात को बिजली सेवा बहाल करने नही निकल सकते है.
लोगो ने बहुत सारा सवाल किया और उन्होंने जवाब दिया एग्जेक्युटिव इंजीनियर के जवाबो से लोग असंतुष्ट होकर कहने लगे कि वर्तमान एग्जेक्युटिव इंजीनियर लालजी प्रसाद लोगो के समस्या को गंभीरता से नही लेते है और अपने कार्य से आम जानो को संतुष्ट करने में असक्षम है. उन्होंने आम जनमानस को अस्वासन दिया कि अगस्त महीना तक सारे समस्याओं को समाधान कर दिया जाएगा.मौके पर सरायकेला जिला के पूर्व जीप उपाध्यक्ष अशोक साव ने भी विभाग पर जम कर वरसे और आरोप लगाया कि आज तक तिरुलडीह क्षेत्र में जूनियर इंजीनियर एक बार भी नही आये हैं .
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