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रांची/डेस्क: गिरिडीह जिले की गोरहद पंचायत में 3.3 एकड़ संधारित जमीन की जमाबंदी रद्द किए जाने के मामले में रामजी साव एवं अन्य की याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने निर्माणाधीन पानी टंकी के निर्माण कार्य पर रोक बरकरार रखा.
सुनवाई के दौरान प्रार्थी के अधिवक्ता रंजन कुमार ने कोर्ट को बताया कि जिला भूदान, गिरिडीह ने प्रति कुल सर्टिफिकेट 80 हजार रुपये, कुल 2.40 लाख रुपये की मांग की थी. साथ ही उन्होंने कहा कि न्यायालय ने उन्हें कोई सर्टिफिकेट या नोटिस उपलब्ध कराने का आदेश नहीं दिया, इसलिए उन्होंने प्रार्थी को कोई सेटिस्फाइड कॉपी देने से इनकार किया.
न्यायालय ने प्रार्थी के अधिवक्ता को निर्देश दिया कि सभी बिंदुओं को एफिडेविट के माध्यम से कोर्ट में प्रस्तुत करें. साथ ही सरकारी अधिवक्ता द्वारा निर्माण कार्य शुरू करने की मांग को रद्द करते हुए कहा गया कि विवाद सुलझाने पर ध्यान दिया जाए ताकि केस का निपटारा जल्द से जल्द किया जा सके. इस मामले में झारखंड सरकार गोरहद पंचायत की 5 एकड़ जमीन पर पानी टंकी का निर्माण करा रही थी. अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी. याचिका में वादी रामजी साव ने बताया कि उनकी पूर्वज की नामांकित 3.3 एकड़ जमीन की जमाबंदी 1965-66 में की गई थी, जिसे एसडीओ कोर्ट ने बिना पक्ष सुने एकतरफा रद्द कर दिया. वादी का आरोप है कि यह निर्णय अंचलाधिकारी, राजस्व कर्मचारी और पंचायत के मुखिया की मिलीभगत से लिया गया था.
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