रांची/डेस्क:
न्यूज11 भारत: बोकारो के चर्चित तेतुलिया मौजा वन भूमि मामले में अपराध अनुसंधान विभाग द्वार दर्ज कांड में आरोपी शैलेश सिंह एवं राजवीर कंस्ट्रक्शन के विमल अग्रवाल का अग्रिम जमानत याचिका जस्टिस संजय द्विवेदी की अदालत ने खारिज कर दिया है.
अगर सीआईडी द्वारा गिरफ्तार नहीं करती है तो अब आरोपियों के पास सुप्रीम कोर्ट जाने या कोर्ट में सरेंडर कर नियमित जमानत याचिका दाखिल करने का विकल्प बचा है.
विदित हो कि इस मामले में सुप्रीम कॉर्ट में याचिका पर सुनवाई चल रही है.
सुप्रीम कोर्ट ने बोकारो जिला प्रशासन से उक्त जमीन के नेचर से संबंधित दस्तावेज का रिपोर्ट मांगा है. वहीं अपराध अनुसंधान विभाग ने भी उक्त जमीन को फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन का म्यूटेशन/जमाबंदी किए जाने का पर्याप्त साक्ष्य संकलन कर आरोपियों को गिरफ्तार किया था और केस डायरी में फर्जीवाड़ा का विवरण अंकित किया है.
इससे पूर्व सीआईडी ने मामले में इजहार हुसैन,अख्तर हुसैन एवं राजवीर कंस्ट्रक्श के निदेशक पुनीत अग्रवाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. वहीं शैलेस सिंह एवं विमल अग्रवाल पर सीआईडी ने वारंट भी जारी किया है, लेकिन उच्च न्यायालय द्वारा पीड़क कार्रवाई पर अंतरिम रोक के कारण सीआईडी ने दोनों को गिरफ्तार नहीं किया था. अब दोनों का अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद सीआईडी द्वारा गिरफ्तारी की. सम्भावना बढ़ गई है.
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