प्रमोद कुमार/न्यूज़11 भारत
बरवाडीह/डेस्क: बरवाडीह प्रखंड के चपरी ग्राम में लगने वाला ऐतिहासिक चपरी जतरा मेला इस वर्ष भी पूरे उल्लास और पारंपरिक रीति–रिवाजों के साथ आयोजित होने जा रहा है.मेला को लेकर गाँव और आसपास के क्षेत्रों में उत्साह बना हुआ है तथा तैयारियाँ अभी से तेज़ी पर हैं.
जानकारी के अनुसार, हर वर्ष हिंदी महीने अगहन पूर्णिमा के दिन गाँव के बैगा–पाहन द्वारा पारंपरिक बलि पूजन किया जाता है. वर्षों पुरानी मान्यता के अनुसार, इस पूजन के अगले दिन से मेला का विधिवत आयोजन शुरू होता है. इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी पूर्णिमा के अगले दिन से मेला का शुभारंभ किया जाएगा.जो तीन दिनों तक चलेगा.मेला को भव्य बनाने के लिए झूला, मौत का कुआँ, तरह–तरह के मनोरंजन स्टॉल तथा बच्चों के खेल उपकरण लेकर व्यापारी और कलाकार एक सप्ताह पूर्व से ही मेला परिसर पहुँचने लगे हैं. मेला मैदान में दुकानों के लिए जगह चिन्हित कर दी गई है और चारों ओर सजावट का कार्य भी जारी है.मेला समिति के सदस्य मनोज प्रसाद व अन्य ग्रामीणों का कहना है कि चपरी जतरा मेला न सिर्फ मनोरंजन का माध्यम है, बल्कि यह स्थानीय संस्कृति, परंपरा और आपसी सद्भाव को भी मजबूत करता है. आसपास के दर्जनों गांवों से लोग इस मेले में शामिल होते हैं.
गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि यह मेला कई दशकों से लगातार लगता आ रहा है और स्थानीय पहचान बन चुका है. प्रशासन की ओर से भी व्यवस्था को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है ताकि लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न हो.
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