मुमताज अहमद/न्यूज11 भारत
खलारी/डेस्क: डकरा स्थित अंबेडकर पार्क के जीर्णोद्धार कार्य में संवेदक द्वारा भारी अनियमितता बरतने का आरोप सामने आया है. जानकारी के अनुसार डीएम एफटी (जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट) मद से करीब 1 करोड़ 95 लाख 68 हजार 800 रुपये की लागत से पार्क का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है. योजना के तहत पार्क में चारदीवारी निर्माण, पुस्तकालय भवन का निर्माण, जिम के लिए उपकरणों की व्यवस्था तथा पार्क के चारों ओर फेवर ब्लॉक लगाकर सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाना है.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्य तेजी से कराया जा रहा है ताकि तय समय सीमा के भीतर जीर्णोद्धार पूरा दिखाया जा सके, लेकिन निर्माण में इस्तेमाल की जा रही ईंट, गिट्टी, सीमेंट और बालू की गुणवत्ता बेहद घटिया है. लोगों का कहना है कि पार्क में लगाई जा रही ईंट हाथ से एक-दो बार मारने पर ही टूट जा रही है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
पार्क कमेटी के सदस्यों ने कई बार बैठक कर संवेदक को इस अनियमितता से अवगत कराया और सामग्री की गुणवत्ता सुधारने की मांग की, लेकिन आरोप है कि संवेदक अपनी मनमानी पर अड़ा हुआ है. इसे लेकर आसपास के लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है और उन्होंने विरोध जताया है.
शनिवार दोपहर जब पत्रकारों ने स्थल का निरीक्षण किया तो निर्माण कार्य में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता को लेकर लोगों की शिकायतें काफी हद तक सही प्रतीत हुईं. इस संबंध में कार्य की देखरेख कर रहे लालमणि और नारद राम से पूछे जाने पर उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि निर्माण में एक नंबर की सामग्री लगाई जा रही है और किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हो रही है.
इस दौरान पूर्व जिला परिषद सदस्य रतिया गंझू भी अंबेडकर पार्क पहुंचीं और निर्माण कार्य का जायजा लिया. उन्होंने ईंट की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह बेहद घटिया है और इसे निर्माण में नहीं लगाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह पार्क संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम से जुड़ी एक महत्वपूर्ण धरोहर है, इसलिए इसके निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए. वहीं एसटी-ओबीसी एकता मंच के कार्यकारी अध्यक्ष देवपाल मुंडा ने भी निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह क्षेत्र की सामूहिक धरोहर है और इसके जीर्णोद्धार में किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा.
मामले को लेकर देखरेख कर रहे लालमणि ने मुख्य ठेकेदार आकाश सिंह से फोन पर बातचीत कराई. बातचीत में आकाश सिंह ने कहा कि निर्माण कार्य इंजीनियर की देखरेख में कराया जा रहा है और सभी सामग्री निर्धारित मानकों के अनुसार ही लगाई जा रही है. उन्होंने अनियमितता के आरोपों को सिरे से खारिज किया.
इधर कार्य में अनियमितता को लेकर कुछ स्थानीय लोगों ने कांके विधायक सुरेश बैठा पर भी नाराजगी जताई. वहीं इस मामले में जिला अभियंता गुप्तेश्वर राम से फोन में वार्ता करने पर जिला अभियंता से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह जांच का विषय है. उन्होंने बताया कि निर्माण स्थल पर पहुंचकर ईंट व अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच की जाएगी और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
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