संतोष कुमार/न्यूज11 भारत
चांडिल/डेस्क: चांडिल अनुमंडल क्षेत्र स्थित बहुउद्देशीय चांडिल डैम परियोजना के जलाशय में जलस्तर बढ़ने के बाद सोमवार, 18 अगस्त को सभी 13 रेडियल गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू कर दी गई. डैम प्रबंधन के अनुसार सुबह जलस्तर 179.50 मीटर दर्ज किया गया. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग ऊंचाई पर रेडियल गेट खोले गए हैं.
वर्तमान में 13 रेडियल गेट से करीब 641.47 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है. इसके अलावा नदी स्लुइस से 4.37 क्यूमेक्स तथा आपातकालीन स्लुइस से 76.07 क्यूमेक्स पानी की निकासी हो रही है. इस तरह नदी में कुल 721.91 क्यूमेक्स पानी प्रवाहित हो रहा है. वहीं नहर से 28.51 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है. डैम से कुल जल प्रवाह करीब 750.42 क्यूमेक्स दर्ज किया गया है. वर्तमान जल भंडारण 438.81 एमसीएम बताया गया है.
विस्थापितों ने जताई चिंता
इधर, डैम से पानी छोड़े जाने के बाद विस्थापितों और आसपास के ग्रामीणों ने जलस्तर को लेकर चिंता जताई है. उनका कहना है कि आरएल के हिसाब से करीब 179.22 मीटर जलस्तर होने की बात कही जा रही है, जबकि लगातार बारिश के कारण विभिन्न जलस्रोतों से पानी चांडिल डैम में पहुंच रहा है. ऐसे में आने वाले दिनों में लगातार बारिश हुई तो जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है.
विस्थापितों का कहना है कि यदि समय रहते रेडियल गेटों को आवश्यकता के अनुसार और खोला नहीं गया तथा जलस्तर को नियंत्रित नहीं किया गया, तो ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के निचले इलाकों के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं. उनका कहना है कि डैम का जलस्तर धीरे-धीरे घटने के बावजूद बारिश जारी रहने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और डैम प्रबंधन को लगातार निगरानी रखने की जरूरत है.
निचले इलाकों में प्रशासन का अलर्ट
चांडिल डैम से पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन ने सुवर्णरेखा और खरकई नदी के निचले तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है. लोगों को नदी के किनारे नहीं जाने तथा मवेशियों को भी नदी के आसपास नहीं ले जाने की सलाह दी गई है.
डैम प्रबंधन के अनुसार बारिश और जलस्तर की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. आवश्यकता पड़ने पर रेडियल गेटों की संख्या और उनकी ऊंचाई में कमी-बढ़ोतरी की जा सकती है. प्रशासन की प्राथमिकता डैम के जलस्तर को नियंत्रित रखते हुए निचले इलाकों में संभावित बाढ़ के खतरे को कम करना है.