पंकज कुमार/न्यूज11 भारत
घाघरा/डेस्क: घाघरा थाना क्षेत्र के नवडीहा निवासी जगबंधन उरांव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है. उनकी मौत ऊंटरी थाना क्षेत्र के भसपुर स्थित 777 ईंट भट्ठे पर काम करने के दौरान हो गई. घटना के बाद इलाज और सूचना को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. जानकारी के अनुसार 22 फरवरी की रात करीब 9 बजे ईंट भट्ठे पर काम करने के दौरान जगबंधन उरांव गिर पड़े, जिससे उन्हें गहरी चोटें आईं और वे बेहोश हो गए. इसके बाद भट्ठा मालिक और मुंशी द्वारा उन्हें स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार कराने के बाद बेहतर इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया.
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती के दौरान उन्हें जगबंधन से मिलने नहीं दिया गया. मरीज की देखभाल, दवा और अन्य व्यवस्था पूरी तरह से मुंशी के जिम्मे ही रही. परिजनों का कहना है कि जब उन्होंने लगातार दबाव बनाया तो 3 मार्च को अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि रात्रि करीब 11 बजे जगबंधन उरांव की मौत हो चुकी है. परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि मुंशी ने रात में ही अपने हस्ताक्षर पर अस्पताल से शव को निकलवाकर जबरन परिवार को सौंप दिया और इसके बाद फरार हो गया. घटना के बाद से न तो मुंशी का फोन लग रहा है और न ही भट्ठा मालिक की ओर से कोई स्पष्ट जवाब दिया जा रहा है. मृतक के परिजनों का कहना है कि इलाज की सही जानकारी छिपाई गई और मौत के बाद रात में ही शव सौंपे जाने से पूरे मामले पर संदेह गहरा गया है. इधर सीएफटीयूआइ मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष जुम्मन खान ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कहा कि मजदूर की मौत के मामले में सच्चाई सामने आनी चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके.
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