भारत और EU के FTA से खत्म होगी ट्रंप की टैरिफगीरी, भारतीय निर्यातकों की लौटी मुस...

भारत और EU के FTA से खत्म होगी ट्रंप की टैरिफगीरी, भारतीय निर्यातकों की लौटी मुस्कान, उपभोक्ताओं की बल्ले-बल्ले

भारत और eu के fta से खत्म होगी ट्रंप की टैरिफगीरी भारतीय निर्यातकों की लौटी मुस्कान उपभोक्ताओं की बल्ले-बल्ले

न्यूज11  भारत

रांची/डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफगीरी के जवाब में भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच मंगलवार को मुक्त व्यापार समझौता (FTA) हो गया है. यह व्यापार समझौता वर्षों अटका रहने के बाद हुआ है. भारत के साथ यह समझौता यूरोपियन यूनियन के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा-कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर-लेयेन की उपस्थिति में हुई. बता दें कि यूरोपियन यूनियन के दोनों नेता भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह के विशिष्ट अतिथि थे. भारत के साथ इतना बड़ा समझौता तो हो गया, अब हर भारत वासी के मन में यह सवाल जरूर उठ रहा होगा कि आखिर इसका देश को फायदा क्या होगा और अमेरिकी टैरिफ के हड़कम्प के खिलाफ कितना कारगर होगा.

सबसे पहले तो यह बता दें जिस EU यानी यूरोपियन यूनियन से यह समझौता हुआ है, उसमें कुल 27 देश शामिल हैं यानी भारत का एक समझौते से ही 27 देशों के साथ व्यापार का मार्ग सुगम हो गया है. इन देशों में जर्मनी, फ्रांस, इटली, स्पेन, नीदरलैंड, बेल्जियम, स्वीडन शामिल हैं, यानी यूरोप के इन प्रमुख देशों से व्यापार का भारत को सीधा लाभ मिलेगा.

भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच समझौते का क्या-क्या होगा असर?

  • आयातित केमिकल उत्पादों पर लगने वाली 22 प्रतिशत टैरिफ लगभग खत्म होगा, इससे ये उत्पाद सस्ते हो जाएंगे
  • यूरोपीय मशीनरी 44 प्रतिशत टैरिफ लगता है, जो अब काफी घट जायेगा. इससे औद्योगिक लागत घटेगी
  • फार्मा उत्पादों पर से 11 प्रतिशत टैरिफ खत्म हो जायेगा. इसका असर यह होगा कि करीब 90 प्रतिशत दवाइयां, ऑप्टिकल, मेडिकल और सर्जिकल उपकरण सस्ते होंगे
  • विमानन और अंतरिक्ष क्षेत्र पर भी इस समझौते का असर दिखेगा क्योंकि  इनके उपकरणों से  टैरिफ पूरी तरह खत्म कर दिया जायेगा
  • ऑटो क्षेत्र में भी व्यापारिक समझौते का असर दिखेगा जिससे मर्सिडीज, BMW या ऑडी जैसी कारें काफी सस्ती होंगी
  • अमेरिका के टैरिफ वार के कारण भारतीय निवेशक जो इस समझ खुद को परेशानियों में पा रहे हैं, उन्हें यह समझौता काफी राहत पहुंचाने वाला साबित होगा. अब भारतीय कपड़ा, चमड़ा और हीरे-जवाहरात के कारोबारियों को पास यूरोप का विशाल बाजार मिलने वाला है.
  • आम उपभोग की वस्तुओं की बात करें तो इस व्यापारिक समझौते का असर जैतून का तेल, मार्जरीन और चुनिंदा वनस्पति तेलों पर दिखेगा जो कि टैरिफ कम होने या पूरी तरह खत्म होने से काफी सस्ते हो जाएंगे. 
  • फलों के रस और प्रोसेस्ड फूड उत्पादों पर आयात शुल्क हटेगा, बीयर पर टैरिफ घटेगा,  वाइन या व्हिस्की पर से टैरिफ 100 से 125 प्रतिशत टैरिफ कम होकर 20-30 प्रतिशत हो जायेगा. यानी अब भारतीय शराब उपभोक्ताओं की चांदी होने वाली है.
  • इस समझौते का निष्कर्ष निकालें तो भारत में EU व्यापार समझौते का असर 90 प्रतिशत उत्पादों पर दिखेगा जिस पर टैरिफ या तो कम होगा या फिर शून्य हो जायेगा.

भारत-EU के व्यापार सम्बंध
भारत और यूरोपियन यूनियन के साथ पहले से ही व्यापार चल रहा है. वित्त वर्ष 2024-25  दोनों ओर से 136.53 अरब डॉलर (करीब 12.28 लाख करोड़ रुपये) का व्यापार हुआ था. इस अवधि में भारत का निर्यात 75.85 अरब डॉलर (करीब 6.82 लाख करोड़ रुपये) और आयात 60.68 अरब डॉलर (करीब 5.46 लाख करोड़ रुपये) था.

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