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रांची/डेस्क: दिग्गज कांग्रेस नेता और विख्यात अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी की ओर से असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ दायर याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया. मनु सिंघवी ने अपनी याचिका में ‘मियां मुस्लिम’ समुदाय को लेकर भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाते हुए याचिका दायर की थी और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी.
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने यह कहा कि इस याचिका पर हाई कोर्ट सुनवाई करने में भी समर्थ है और आदेश पारित करने में भी. कोर्ट ने याचिकाकर्ता को सलाह दी कि वह हाई कोर्ट में जाकर अपनी बात रख सकते हैं. अगर आपको वहां से राहत नहीं मिलती है तब आप सुप्रीम कोर्ट आ सकते है.
मनु सिंघवी की याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि सीजेआई बनने के बाद से मैं बार बार कह रहा हूं कि हर मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट आना जरूरी नहीं है. इसके लिए. हाई कोर्ट के अधिकारों को कमतर करके आंकना उचित नहीं है.
अभिषेक मनु सिंघवी ने अपना पक्ष रखते हुए यह कहा कि चूंकि मामला आर्टिकल 32 से जुड़ा हुआ है इसलिए यह सुनवाई के लिए उपयुक्त है. मगर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें हाई कोर्ट जाने की सलाह दी.
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