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रांची/डेस्क: पश्चिम बंगाल की सियासत में बड़ा मोड़ आया हैं. दक्षिण 24 परगना जिले की फलता विधानसभा सीट पर हुए मतदान को लेकर गंभीर आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने सख्त कदम उठाते हुए यहां दोबारा चुनाव कराने का ऐलान किया हैं. आयोग ने 29 अप्रैल को हुए मतदान को रद्द कर दिया है और अब 21 मई 2026 को इस सीट की सभी बूथों पर फिर से वोटिंग होगी.
चुनाव आयोग के आदेश के अनुसार, फलता विधानसभा क्षेत्र के सभी 285 पोलिंग स्टेशनों पर 21 मई को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक पुनर्मतदान कराया जाएगा. इसके बाद 24 मई को वोटों की गिनती की जाएगी. जानकारी के अनुसार, 29 अप्रैल को मतदान के दौरान कई बूथों पर चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप और गंभीर अनियमितताएं सामने आई थी. खास तौर पर EVM में छेड़छाड़ और मशीनों पर टेप लगाए जाने के आरोपों ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया था. शिकायतों के बाद आयोग ने जांच कराई, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर यह बड़ा फैसला लिया गया.
4 मई की काउंटिंग में नहीं शामिल होगी फलता सीट
राज्य की बाकी 293 विधानसभा सीटों पर 4 मई को मतगणना होगी, लेकिन फलता सीट के वोट उस दिन नहीं गिने जाएंगे. इस सीट के लिए अलग से 21 मई को मतदान और 24 मई को काउंटिंग की जाएगी, जिससे नतीजों में देरी होना तय हैं. इससे पहले आयोग ने डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों के 15 बूथों पर भी पुनर्मतदान का आदेश दिया था. हालांकि फलता सीट को लेकर स्थिति शाम तक स्पष्ट नहीं थी, लेकिन देर शाम आयोग ने पूरे विधानसभा क्षेत्र में दोबारा मतदान कराने का बड़ा निर्णय लिया.
आयोग का सख्त रुख, FIR और गिरफ्तारियां
चुनाव आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए धमकी और डराने-धमकाने के आरोप में कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान के करीबी लोगों पर आरोप लगे, जिसके बाद इसराफुल और सुजाद्दीन शेख समेत कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया हैं.
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