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रांची/डेस्क: इस साल मानसून ने देश के कई राज्यों में भारी तबाही मचाई है, और जाते-जाते हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर अपना प्रचंड रूप दिखाया है. मंडी में भारी बारिश ने खूब कहर बरपाया है, जहां धरमपुर में बादल फटने से पूरा बस स्टैंड पानी में डूब गया. राजधानी शिमला और आसपास के इलाकों में भी भारी बारिश के कारण कई जगह भूस्खलन हुआ है, जिससे सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
वाहन पानी के तेज बहाव में बह गए
बीती रात धरमपुर में बारिश ने ऐसा तांडव मचाया कि पूरा बस स्टैंड बह गया और बसों समेत कई वाहन पानी के तेज बहाव में बह गए. इस घटना में एक व्यक्ति के लापता होने की भी खबर है. भारी बारिश से यहां बहने वाली सोन खड्ड के जलस्तर में भारी बढ़ोतरी हो गई है, जिससे लोगों के घरों और दुकानों में भी पानी घुस गया. हालात इतने खराब थे कि रात में ही लोगों में भगदड़ मच गई. लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए घरों की छतों पर शरण ली. पुलिस ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया.
हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में सोमवार को बारिश हुई
मौसम विभाग के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में सोमवार को बारिश हुई, जबकि कुछ इलाकों में आंधी-तूफान भी आया. इसके कारण तीन राष्ट्रीय राजमार्गों सहित 493 सड़कें यातायात के लिए बंद रहीं. मौसम विभाग ने बताया कि पिछले 24 घंटों में जोगिंदरनगर में 56 मिमी, पालमपुर में 48 मिमी, पंडोह में 40 मिमी और कांगड़ा में 34.2 मिमी बारिश हुई. इसके अलावा, नगरोटा सूरियां में 30 मिमी, मंडी में 27.5 मिमी, सराहन में 18.5 मिमी, मुरारी देवी में 18.2 मिमी, भरेरी में 17.6 मिमी और करसोग में 17 मिमी बारिश दर्ज की गई.
163 जलापूर्ति योजनाएं भी बाधित हुई
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग-3 (अटारी-लेह खंड), एनएच-305 (औट-सैंज खंड) और एनएच-503ए (अमृतसर-भोटा खंड) उन 493 सड़कों में शामिल हैं, जो वाहनों की आवाजाही के लिए बंद रहीं. केंद्र ने यह भी बताया कि 352 बिजली ट्रांसफार्मर और 163 जलापूर्ति योजनाएं भी बाधित हुई हैं. कांगड़ा, जोत, सुंदरनगर और पालमपुर में गरज के साथ बारिश हुई, जबकि रिकांगपिओ और सेओबाग में तेज हवाएं चलीं.
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