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रांची/डेस्क: वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को और सुविधाजनक तथा सुरक्षित बनाने के लिए रेलवे ने पूरा प्लान तैयार कर लिया है. ट्रेन को बेहतर बनाने के लिए रेलवे को कुछ सुझाव मिले हैं, जिस पर बोर्ड ने रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) से गौर करने को कहा है. मुख्य रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने सितंबर में ट्रेन को मंजूरी देते समय यात्रियों की सुरक्षा और आराम बढ़ाने के लिए कई सुरक्षा उपाय सुझाए थे. इन बदलावों में मुख्य रूप से अग्निरोधी केबल, आसानी से पहुंच योग्य पैनिक बटन और वायरिंग दोष पता करने वाले उपकरण शामिल हैं.
आर्क फॉल्ट डिटेक्शन डिवाइस लगाने की भी सिफारिश की गई
सुरक्षा आयुक्त के निर्देश पर अब सीसीटीवी और क्रैश हार्डेंड मेमोरी मॉड्यूल जैसे सिस्टम के लिए खास तरह की केबलों का इस्तेमाल जरूरी होगा, जिससे आग लगने की घटनाओं से बचा जा सके. इसके अलावा, पिछले साल दरभंगा ट्रेन में लगी आग की जांच से निकली सिफारिश के अनुसार, आर्क फॉल्ट डिटेक्शन डिवाइस लगाने की भी सिफारिश की गई है. फर्स्ट एसी कोच में एयर-कंडीशनिंग डक्ट को भी फर्श के कोने से हटाकर बेहतर जगह पर लगाने का निर्देश दिया गया है.
यात्रियों को मिलेंगी खास सुविधाएं
यात्रियों को मिलने वाली खास सुविधाओं के तहत, इमरजेंसी अलार्म बटन को अब ऊपरी बर्थ के पीछे छिपी हुई जगह से हटाकर ऐसी जगह पर शिफ्ट करने को कहा गया है, जहां वे यात्रियों को आसानी से दिखें और उन तक पहुंचना आसान हो. रेलवे बोर्ड ने बताया कि वंदे भारत के आने वाले वेरिएंट के लिए आरडीएसओ मानक निर्देश तैयार करेगा. इससे ट्रेन में आग और अन्य जोखिमों से बचाव मजबूत होगा. इसके साथ ही, बोर्ड ने जोनल रेलवे को 16-कोच वाली स्लीपर रेक को 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलाने की मंजूरी भी दे दी है.
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