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रांची/डेस्क: भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों को नई दिशा देते हुए दोनों देशों ने अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement) का फ्रेमवर्क जारी कर दिया हैं. इस फ्रेमवर्क को व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement - BTA) की ओर एक बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा हैं. हालिया टैरिफ तनाव और लंबी बातचीत के बाद आए इस फैसले से दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में नई ऊर्जा देखने को मिल रही हैं.
संयुक्त बयान में कहा गया कि भारत और अमेरिका इस फ्रेमवर्क को जल्द लागू करने और अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से काम करेंगे, ताकि एक ऐसा व्यापार समझौता तैयार हो सके, जो दोनों देशों के लिए पारस्परिक रूप से लाभकारी हो. इसे भारत-अमेरिका साझेदारी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया गया हैं.
पीयूष गोयल का बयान
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस फ्रेमवर्क को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का परिणाम बताते हुए कहा कि इससे भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर के अमेरिकी बाजार के द्वार खुलेंगे. उन्होंने कहा कि इस समझौते से विशेष रूप से एमएसएमई सेक्टर, किसान, मछुआरे, महिलाएं और युवा लाभान्वित होंगे निर्यात बढ़ने से देश में लाखों नए रोजगार सृजित होने की संभावना हैं.
Under the decisive leadership of PM @NarendraModi ji, India has reached a framework for an Interim Agreement with the US. This will open a $30 trillion market for Indian exporters, especially MSMEs, farmers and fishermen. The increase in exports will create lakhs of new job… pic.twitter.com/xYSjxML6kt
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) February 7, 2026
टैरिफ में बड़ी राहत, भारतीय उत्पादों को फायदा
फ्रेमवर्क के तहत अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर लगने वाले रेसिप्रोकल टैरिफ को 25% से घटाकर 18% करने पर सहमति जताई हैं. इससे भारतीय उत्पादों को अमेरिकी बाजार में बड़ी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी.
जिन सेक्टरों को सीधा लाभ होगा, उनमें शामिल हैं:
- वस्त्र और परिधान
- चमड़ा और फुटवियर
- प्लास्टिक और रबर उत्पाद
- ऑर्गेनिक केमिकल्स
- होम डेकोर और हस्तशिल्प
- चुनिंदा मशीनरी
इसके अलावा जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स, रत्न एवं आभूषण और विमान पुर्जों पर टैरिफ पूरी तरह शून्य किए जाएंगे, जिससे मेक इन इंडिया को और मजबूती मिलेगी.
पीयूष गोयल ने साफ किया कि इस व्यापार फ्रेमवर्क में भारतीय किसानों और डेयरी सेक्टर के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया हैं. मक्का, गेहूं, चावल, सोयाबीन, पोल्ट्री, दूध, पनीर, एथेनॉल, तंबाकू, कुछ सब्जियां और मांस जैसे संवेदनशील कृषि और डेयरी उत्पाद पूरी तरह संरक्षित रखे गए हैं. उन्होंने कहा कि यह समझौता ग्रामीण आजीविका और किसानों की सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता हैं.
ट्रंप का ऐलान
इस अंतरिम समझौते से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूसी तेल खरीद को लेकर लगाए गए 25% दंडात्मक टैरिफ को हटाने की घोषणा की थी. उन्होंने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर इस टैरिफ को पूरी तरह समाप्त कर दिया. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि भारत अमेरिका से तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों की खरीद बढ़ाएगा.
कौन क्या खरीदेगा और क्या बेचेगा?
रॉयटर्स के मुताबिक, इस फ्रेमवर्क के तहत भारत अमेरिका से मेवे, फल, सोया तेल, शराब और अन्य खाद्य उत्पादों पर टैरिफ घटाएगा या हटाएगा. अमेरिका भारतीय वस्त्र, रसायन और मशीनरी पर कम टैरिफ लगाएगा. भारतीय एयरक्राफ्ट और एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत लगे टैरिफ हटेंगे. भारत को ऑटो पार्ट्स पर प्रायोरिटी टैरिफ-रेट कोटा मिलेगा.
दोनों देश अब नॉन-टैरिफ बैरियर्स, जेनेरिक दवाओं और टेक्नोलॉजी उत्पादों से जुड़े मुद्दों पर आगे बातचीत करेंगे. भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के ऊर्जा उत्पाद, विमान, टेक्नोलॉजी, कीमती धातु और कोकिंग कोल खरीदने का इरादा जताया हैं. भारत-अमेरिका ने इस अंतरिम समझौते को द्विपक्षीय व्यापारिक रिश्तों को नई ऊंचाई देने वाला संकेत बताया है और कहा है कि इसके पूरा होने के बाद आर्थिक साझेदारी और मजबूत होगी.
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