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रांची/डेस्क: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां सरकारी नौकरी और योजनाओं का लाभ लेने की चाह में एक युवक ने खुद ही अपना पैर काट लिया. शुरुआती तौर पर इस घटना को जघन्य आपराधिक हमला बताया गया, लेकिन पुलिस जांच में जो सच सामने आया, उसने सभी को चौंका दिया.
लाइन बाजार थाना क्षेत्र के खलीलपुर गांव निवासी 28 वर्षीय सूरज भास्कर ने पुलिस और परिजनों को बताया था कि उस पर कुछ अज्ञात लोगों ने लाठियों से हमला किया और पैर काटकर फरार हो गए. परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया और जांच शुरू की. गांव में दहशत का माहौल बन गया और पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ भी की.
जांच में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई
लगातार चार दिनों तक चली जांच, मेडिकल रिपोर्ट और घटनास्थल के निरीक्षण के दौरान पुलिस को कई संदिग्ध पहलू नजर आए. जब पुलिस ने गहराई से पूछताछ की और साक्ष्यों का मिलान किया, तो पूरा मामला ही पलट गया. जांच में साफ हुआ कि सूरज भास्कर पर किसी ने हमला नहीं किया था, बल्कि उसने खुद ही जानबूझकर अपना पैर काटा था.
पुलिस के मुताबिक, सूरज ने खुद को स्थायी रूप से विकलांग साबित करने के लिए यह खतरनाक कदम उठाया था, ताकि सरकारी नौकरी और विकलांगों के लिए मिलने वाली योजनाओं का फायदा लिया जा सके. जांच में यह भी सामने आया कि उसने ग्राइंडर मशीन का इस्तेमाल कर खुद को गंभीर रूप से घायल किया और फिर पुलिस को गुमराह करने के लिए लूट व हमले की झूठी कहानी गढ़ी.
पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मेडिकल और तकनीकी साक्ष्यों से यह स्पष्ट हो गया है कि चोट स्व-प्रेरित थी. फिलहाल युवक की हालत स्थिर बताई जा रही हैं. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ झूठी सूचना देने और जांच को गुमराह करने समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.
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