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स्पोर्ट्स/डेस्क: कप्तान ईशान किशन के नेतृत्व में ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी 2026 को अपने नाम कर लिया है. ईस्ट जोन की टीम ने फाइनल में साउथ जोन के खिलाफ पहली पारी में अपना दबदबा बनाते हुए बड़ी बढ़त हासिल की थी. यही वजह रही कि मैच के ड्रॉ होने के बावजूद ईस्ट जोन को चैंपियन घोषित किया गया. ईस्ट जोन ने 2012-2013 के बाद ये प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया है. चेपॉक स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में ईशान किशन ने बल्ले से भी शानदार प्रदर्शन किया और कई रिकॉर्ड अपने नाम किए.
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— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) September 10, 2026
A dominant performance from East Zone in the Final against South Zone to clinch the #DuleepTrophy 2026 title on the basis of a first-innings lead 👏#EZvSZ pic.twitter.com/UOeg59cRpF
जानिए क्या रहा इस दमदार मैच का रिकॉर्ड
ईस्ट जोन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 708 रन का विशाल स्कोर खडा किया था. ईशान किशन ने भी अपनी हुनर का डंका बजाते हुए शानदार 270 की पारी खेली. जबकि कुमार कुशाग्र ने 101 रन बनाए.
बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए साउथ जोन की टीम 336 रन पर ही सिमट गई. जवाब में साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने 99 रन की पारी खेली, मगर वह शतक से चुक गए. पहली पारी के आधार पर 372 रन की बढ़त बनाने वाली ईस्ट जोन ने दूसरी पारी 388/7 पर घोषित कर दी. मैच ड्रॉ रहा और पहली पारी की बढ़त के आधार पर ईस्ट जोन को चैंपियन घोषित किया गया.
ईशान किशन ने रचा इतिहास
ईशान किशन ने 270 की शानदार पारी खेलकर दलीप ट्रॉफी फाइनल में बड़ा स्कोर बनाया और नया इतिहास बनाया. उन्होंने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से अंशुमन गायकवाड़ का 216 रन का रिकॉर्ड तोड़ा. किशन दलीप ट्राफी के फाइनल में दोहरा शतक लगाने वाले दूसरे कप्तान भी बने.
दलीप ट्रॉफी को अपनी कप्तानी से जिताने वालों की सूची में ईशान किशन दूसरे स्थान पर हैं. पूर्व बल्लेबाज रमन लांबा पहले पायदान पर हैं. रमन लांबा ने 1987 में नॉर्थ जोन की ओर से वेस्ट जोन के खिलाफ 320 रनों की पारी खेली थी.
बतौर कप्तान ईशान किशन ने अपने प्रदर्शन से काफी प्रभावित किया. अब तक के खेले गए प्रथम श्रेणी वाले मैच में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है. उन्होंने कुल 16 प्रथम श्रेणी मैचों में जबरदस्त कप्तानी की है, जिसमें कि 8 मैच में उनकी टीम ने जीत दर्ज की और 8 मैच ड्रॉ रहे. इन सब के अलावा इशान किशन की कप्तानी में यह दूसरा बड़ा घरेलू खिताब भी रहा. इससे पहले उनकी कप्तानी में झारखंड की टीम सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जीत चुकी है.
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