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रांची/डेस्क: जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में रविवार तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे इलाके में कुछ देर के लिए लोगों में दहशत का माहौल बन गया. भूकंप 1 मार्च 2026 को सुबह 1 बजकर 25 मिनट पर आया और इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.2 दर्ज की गई. राहत की बात यह रही कि अब तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली हैं.
भूकंप का केंद्र डोडा जिले में 33.08 उत्तरी अक्षांश और 76.17 पूर्वी देशांतर पर स्थित था. वैज्ञानिकों के अनुसार, भूकंप की गहराई जमीन से करीब 5 किलोमीटर दर्ज की गई, जिसके कारण झटके स्थानीय स्तर पर स्पष्ट रूप से महसूस किए गए.
हाल ही में बंगाल में भी महसूस हुए थे झटके
इससे पहले 27 फरवरी 2026 को पश्चिम बंगाल के कोलकाता, हावड़ा और हुगली समेत कई इलाकों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. उस दौरान लोग घबराकर घरों, दफ्तरों और स्कूलों से बाहर निकल आए थे. उस भूकंप का केंद्र भारत-बांग्लादेश सीमा के पास ताकी क्षेत्र से लगभग 26 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में था और इसकी गहराई करीब 9.8 किलोमीटर दर्ज की गई थी.
क्यों आते है भूकंप?
जानकारी के अनुसार, भूकंप मुख्य रूप से पांच प्रकार के होते हैं. इनमें सबसे सामान्य टेक्टॉनिक भूकंप है, जो पृथ्वी की टेक्टॉनिक प्लेट्स के टकराने, रगड़ने या अलग होने से पैदा होते हैं. दुनिया के लगभग 90 प्रतिशत भूकंप इसी श्रेणी में आते है और हिमालयी क्षेत्र में आने वाले अधिकांश भूकंप इसी कारण होते हैं. इसके अलावा ज्वालामुखीय भूकंप ज्वालामुखी गतिविधियों से जुड़े होते है जबकि सिकुड़न या ढहने वाले भूकंप खदानों, गुफाओं या भूमिगत खाली स्थानों के धंसने से आते हैं. वहीं बड़े बांधों के निर्माण, तेल-गैस उत्खनन जैसी मानव गतिविधियों से इंड्यूस्ड भूकंप भी उत्पन्न हो सकते हैं. परमाणु परीक्षण या बड़े विस्फोटों के कारण दर्ज होने वाले भूकंप को विस्फोटक भूकंप कहा जाता हैं.
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