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रांची/डेस्क: दुनियाभर में प्यार और रिश्तों को भावनाओं से जोड़कर देखा जाता है लेकिन चीन में इन दिनों एक ऐसा ट्रेंड चर्चा में है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया हैं. यहां रिश्ता खत्म होने के बाद भी कुछ लोगों को अपने पूर्व पार्टनर को पैसे देने पड़ सकते हैं. इस अनोखी अवधारणा को 'ब्रेकअप फीस' कहा जाता है, जो सोशल मीडिया से लेकर कानूनी बहसों तक का विषय बनी हुई हैं.
हालांकि यह कोई सरकारी नियम या कानूनी अनिवार्यता नहीं है लेकिन कई मामलों में रिश्ता खत्म करने वाला व्यक्ति अपने पार्टनर को आर्थिक मुआवजा देता हैं. इसी वजह से यह प्रथा पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं.
आखिर क्या होती है ब्रेकअप फीस?
ब्रेकअप फीस एक ऐसी अनौपचारिक व्यवस्था है, जिसमें रिश्ता समाप्त करने वाला व्यक्ति अपने साथी को कुछ धनराशि देता हैं. यह राशि किसी तय नियम के अनुसार निर्धारित नहीं होती बल्कि दोनों पक्षों की सहमति, रिश्ते की अवधि, परिस्थितियों और आपसी समझ पर निर्भर करती हैं. कुछ मामलों में यह रकम कुछ हजार युआन तक सीमित रहती है जबकि कुछ चर्चित मामलों में यह लाखों युआन तक पहुंच चुकी हैं. यही वजह है कि यह विषय चीन में लगातार बहस का केंद्र बना हुआ हैं.
रिश्ते में किए गए 'निवेश' की भरपाई या भावनाओं की कीमत?
ब्रेकअप फीस का समर्थन करने वाले लोगों का मानना है कि जब दो लोग लंबे समय तक रिश्ते में रहते है तो केवल भावनात्मक रूप से ही नहीं बल्कि आर्थिक रूप से भी एक-दूसरे में निवेश करते हैं. वे एक-दूसरे के लिए समय निकालते है, उपहार देते है, यात्राएं करते है और कई बार आर्थिक जिम्मेदारियां भी साझा करते हैं. ऐसे में यदि कोई व्यक्ति अचानक रिश्ता समाप्त कर देता है तो दूसरे व्यक्ति को मानसिक और आर्थिक दोनों तरह का नुकसान हो सकता हैं. समर्थकों के अनुसार, ब्रेकअप फीस इस नुकसान की आंशिक भरपाई और सम्मानजनक विदाई का माध्यम हैं.
क्या प्यार भी अब व्यापार बन गया?
दूसरी ओर इस अवधारणा के विरोधी इसे रिश्तों का व्यवसायीकरण बताते हैं. उनका मानना है कि प्यार और भावनाओं की कोई कीमत नहीं लगाई जा सकती. यदि रिश्तों का मूल्य पैसे से तय होने लगे तो प्रेम की वास्तविक भावना कमजोर पड़ सकती हैं. कई सामाजिक विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी सोच भविष्य में रिश्तों को लेन-देन का माध्यम बना सकती है, जहां लोग भावनाओं से ज्यादा आर्थिक लाभ-हानि के आधार पर फैसले लेने लगेंगे.
क्या चीन में ब्रेकअप फीस कानूनी रूप से लागू है?
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि चीन में ब्रेकअप फीस कोई कानूनी बाध्यता नहीं हैं. कोई भी व्यक्ति केवल इसलिए पैसे देने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता क्योंकि उसने रिश्ता खत्म किया हैं. हालांकि यदि दोनों पक्षों के बीच पहले से कोई लिखित समझौता मौजूद हो और उसमें ब्रेकअप के समय भुगतान की शर्त शामिल हो, तो अदालत उस समझौते की समीक्षा कर सकती हैं. ऐसे कई मामले चीन की अदालतों तक पहुंच चुके हैं, जहां इस मुद्दे पर कानूनी बहस देखने को मिली.
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ब्रेकअप फीस को लेकर अक्सर तीखी बहस देखने को मिलती हैं. कुछ यूजर्स इसे आधुनिक रिश्तों की सच्चाई बताते है जबकि कुछ लोग इसे प्रेम की भावना के खिलाफ मानते हैं. युवा वर्ग के बीच भी इस विषय को लेकर अलग-अलग राय सामने आती हैं. कई लोग इसे रिश्तों में जवाबदेही का प्रतीक मानते है जबकि अन्य इसे पूरी तरह गलत सोच करार देते हैं.
लाखों रूपए की फीस वाले मामले भी आये सामने
चीन में कुछ ऐसे चर्चित मामले में सामने आ चुके है, जिनमें ब्रेकअप के बाद पूर्व पार्टनर को बड़ी रकम दी गई. ऐसे मामलों के वायरल होने के बाद इस विषय पर चर्चा और तेज हो गई. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे उदाहरण अपवाद हैं और अधिकांश रिश्तों में ब्रेकअप के बाद किसी प्रकार का आर्थिक लेन-देन नहीं होता.
दुनियाभर में चर्चा का विषय बना ट्रेंड
ब्रेकअप फीस फिलहाल कोई आधिकारिक व्यवस्था नहीं बल्कि एक सामाजिक बहस का विषय हैं. कुछ लोग इसे रिश्तों में किए गए समय और संसाधनों की भरपाई के रूप में देखते हैं, जबकि दूसरे इसे प्रेम और भावनाओं का अपमान मानते हैं. यही कारण है कि चीन का यह अनोखा ट्रेंड लगातार चर्चा में बना हुआ है और दुनियाभर के लोगों के बीच जिज्ञासा का विषय बन गया हैं. आने वाले समय में यह अवधारणा केवल चीन तक सीमित रहेगी या अन्य देशों में भी चर्चा का विषय बनेगी, यह देखना दिलचस्प होगा.
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