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रांची/डेस्क: देश की 10 प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों ने आज भारत बंद का आह्वान किया हैं. संगठनों का दावा है कि करीब 30 करोड़ कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हो सकते हैं. यह बंद मुख्य रूप से वर्ष 2025 में लागू किए गए चार नए श्रम कानूनों के विरोध में बुलाया गया हैं. यूनियनों का कहना है कि नए श्रम कानूनों से कर्मचारियों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं. इसके अलावा बेहतर कार्य परिस्थितियां, न्यूनतम वेतन और सप्ताह में पांच दिन कार्य प्रणाली जैसी मांगों को भी फिर से उठाया गया हैं.
बैंक कर्मचारी संगठनों का समर्थन
इस भारत बंद को कई बैंक कर्मचारी संगठनों का समर्थन मिला हैं. इनमें ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA) और बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI) शामिल हैं.
बैंक ऑफ बड़ौदा ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में कहा है कि यदि कर्मचारी हड़ताल में भाग लेते हैं तो बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने भी अपने ग्राहकों को आगाह किया है कि कुछ सेवाएं सीमित रूप से प्रभावित हो सकती हैं. आईडीबीआई बैंक को भी यूनियनों की ओर से औपचारिक सूचना प्राप्त हुई है.
क्या बैंक रहेंगे बंद?
हालांकि देशव्यापी बंद का आह्वान किया गया है, लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इस संबंध में कोई आधिकारिक छुट्टी घोषित नहीं की है यानी बैंक शाखाएं सामान्य रूप से खुली रहेंगी. फिर भी, कर्मचारियों की भागीदारी के आधार पर कुछ शाखाओं में कामकाज धीमा पड़ सकता है या सेवाओं में देरी हो सकती हैं. ग्राहकों को सलाह दी गई है कि जरूरी बैंकिंग कार्य पहले से निपटा लें या ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग करें.
जानकारी के अनुसार, एटीएम सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहने की संभावना हैं. हालांकि हड़ताल के कारण एटीएम में नकदी भरने में देरी हो सकती हैं. वहीं, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई जैसी डिजिटल सेवाएं सुचारु रूप से जारी रहेंगी.
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