न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
सहरसा / पटना : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOW) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में सहरसा के DRDA निदेशक वैभव कुमार बुधवार को पटना स्थित EOW कार्यालय पहुंचे, जहां उनसे करीब एक घंटे से अधिक समय तक गहन पूछताछ की गई। गौरतलब है कि उन्हें मंगलवार को ही तलब किया गया था, लेकिन वे उस दिन उपस्थित नहीं हुए थे। अब उनकी पेशी के बाद मामले में तेजी आने की उम्मीद है।
सहरसा के DRDA निदेशक वैभव कुमार।
हाइलाइट्स:
- 2.41 करोड़ की अवैध संपत्ति का मामला
- 6 ठिकानों पर छापेमारी, 16 प्लॉट के दस्तावेज बरामद
- ट्रस्ट के जरिए ITI संस्थान संचालन का खुलासा
- बैंक खातों और निवेश पर EOW की सख्त नजर
EOW की सख्ती बढ़ी, कार्रवाई तेज
2.41 करोड़ की अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ है,जांच एजेंसियों के अनुसार, वैभव कुमार के खिलाफ आय से अधिक 2.41 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया है। हाल ही में मुजफ्फरपुर और सहरसा समेत उनके छह ठिकानों पर छापेमारी की गई थी, जहां से कई अहम दस्तावेज बरामद हुए। इन दस्तावेजों के आधार पर अवैध संपत्ति के नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
जांच के दौरान अधिकारियों को पटना और मुजफ्फरपुर में स्थित 16 कीमती भूखंडों के कागजात मिले हैं। बताया जा रहा है कि ये संपत्तियां वैभव कुमार ने अपने परिजनों के नाम पर खरीदी थीं, जिससे अवैध निवेश को छिपाया जा सके। इस खुलासे ने जांच को और गहरा कर दिया है।
संपत्ति की जांच तेज ।
संपत्ति छिपाने का जाल उजागर
जांच में यह भी सामने आया है कि वैभव कुमार ने मुजफ्फरपुर के हरिशंकर मनियारी गांव में ‘ऐश्वर्या मैक्स ग्लो आईटीआई’ नाम से एक प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किया है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 1.5 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसे एक चैरिटेबल ट्रस्ट के जरिए संचालित किया जा रहा है, जिसमें उनके पिता को प्रबंधक बनाया गया है।
EOW की जांच में वैभव कुमार और उनकी पत्नी के बैंक खातों में 20 लाख रुपये से अधिक की राशि का पता चला है। इसके बाद खातों और लॉकर को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा शेयर बाजार और बीमा कंपनियों में निवेश के भी दस्तावेज मिले हैं, जिससे उनकी वित्तीय गतिविधियों पर संदेह और गहरा गया है।
खातों और लॉकर पर कार्रवाई
वैभव कुमार ने अपने करियर की शुरुआत 2008 में SBI से की थी और 2013 तक वहां कार्यरत रहे। इसके बाद वे प्रशासनिक सेवा में आए और वर्तमान में DRDA निदेशक के पद पर हैं। लेकिन अब इस कार्रवाई ने उनके पूरे करियर पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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