राहुल कुमार/न्यूज़11 भारत
बिहार/डेस्क: शेरघाटी प्रखंड की श्रीरामपुर पंचायत के बीटी बीघा स्थित अपग्रेडेड हाई स्कूल परिसर में बन रहे अतिरिक्त विद्यालय भवन के निर्माण में कथित गड़बड़ी को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. ग्रामीणों ने दूसरे तल्ले की छत की ढलाई के दौरान मानक के विपरीत आठ एमएम के सरिया (छड़) के उपयोग का आरोप लगाते हुए निर्माण कार्य को रोक दिया. विरोध के कारण भवन निर्माण का काम बंद रहा.
ग्रामीणों का आरोप है कि छत की ढलाई में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है. उनका कहना है कि छत की मजबूती के लिए जहां मोटे सरिया का इस्तेमाल होना चाहिए, वहां आठ एमएम के सरिया लगाए जा रहे थे. साथ ही ढलाई के लिए तैयार किए गए कंक्रीट मिक्सचर में भी मानक के अनुसार सीमेंट का उपयोग नहीं किया जा रहा था, जिससे भवन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए है. ग्रामीणों ने कहा कि घटिया तरीके से निर्माण कर सरकारी राशि की बंदरबांट की जा रही है.
चार साल से अधूरा पड़ा है निर्माण कार्य
ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 1 करोड़ 90 लाख रुपये की लागत से तीन मंजिला विद्यालय भवन का निर्माण कराया जा रहा है. यह कार्य लगभग चार वर्ष पहले शुरू हुआ था, लेकिन अब तक आधा भी पूरा नहीं हो सका है. ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य की प्रगति बेहद धीमी है और अब तक किसी सहायक अभियंता या कार्यपालक अभियंता स्तर के अधिकारी ने स्थल पर आकर निरीक्षण नहीं किया है. भवन का निर्माण बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बीएसईआईडीसी) की देखरेख में कराया जा रहा है. इसके बावजूद शिक्षा विभाग के अधिकारी भी कभी निर्माण कार्य का जायजा लेने नहीं पहुंचे है.
अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग
स्थानीय ग्रामीण मनीष कुमार सिंह ने कहा कि स्कूल भवन का निर्माण घटिया तरीके से किया जा रहा है और ठेकेदार मनमाने ढंग से काम करा रहा है. उन्होंने कहा कि अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी ने निर्माण स्थल का मुआयना नहीं किया है. वहीं ग्रामीण रौशन कुमार ने बताया कि कम मोटाई वाले सरिया के उपयोग को लेकर लोगों में आक्रोश है. उन्होंने कहा कि जब तक जवाबदेह अधिकारी मौके पर आकर जांच नहीं करेंगे, तब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा.
ठेकेदार के प्रतिनिधि ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
इधर ठेकेदार के प्रतिनिधि अभिनंदन कुमार ने ग्रामीणों के आरोपों को निराधार बताया है. उनका कहना है कि छत की ढलाई में मानक के अनुसार ही सरिया का उपयोग किया जा रहा है और कंक्रीट मिक्सचर भी गुणवत्तापूर्ण तैयार किया गया है. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की शिकायतें तथ्यहीन है.
विभागीय अधिकारी को नहीं जानकारी
शेरघाटी में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे गया के डीपीओ (स्थापना) आनंद कुमार ने बताया कि भवन निर्माण का कार्य डीपीओ (एसएसए) के अधीन है. उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है. ग्रामीणों का कहना है कि जब तक निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा.
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