अफरोज आलम/न्यूज़11 भारत
बिहार/डेस्क: सदर अस्पताल में उस समय स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई जब इमरजेंसी वार्ड के भीतर एक कथित भगत द्वारा खुलेआम झाड़-फूंक किए जाने का मामला उजागर हुआ. पूरे वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें भगत मरीज के बाजू में बैठकर मंत्र पढ़ते और झाड़-फूंक करते नजर आ रहा है. हैरानी की बात यह कि मौके पर मौजूद नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों में से किसी ने भी उसे रोकना जरूरी नहीं समझा. मिली जानकारी के अनुसार भर्ती महिला मरीज की पहचान मुक्तापुर थाना क्षेत्र के चकदौलतपुर गांव निवासी रामप्रीत पंडित की पत्नी फूलो देवी के रूप में हुई है. महिला को पेट दर्द की शिकायत पर परिजन उसे सदर अस्पताल लेकर पहुंचे थे. डॉक्टरों द्वारा आवश्यक इलाज किए जाने के बावजूद स्थिति सामान्य नहीं होने पर परिजन अंधविश्वास में पड़ गए और स्थानीय भगत को अस्पताल बुला लिया. इसके बाद इमरजेंसी वार्ड में घंटो तक कथित भगत आराम से मंत्र पढ़कर झाड़-फूंक करता रहा.
इस दौरान न तो किसी डॉक्टर ने उसे रोका, न ही स्वास्थ्यकर्मियों या गार्ड ने हस्तक्षेप किया. वार्ड के अंदर मौजूद अन्य मरीज और उनके परिजन भी इस गतिविधि को आश्चर्य से देखते रहे. लोगों में इस घटना को लेकर नाराजगी है. उनका कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर अंधविश्वास को बढ़ावा देना और डॉक्टर-कर्मियों द्वारा इसे अनदेखा करना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है. वायरल वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे है. स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की जांच कर जिम्मेदार कर्मियों पर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसे घटनाक्रम की पुनरावृत्ति न हो.
यह भी पढ़े: पाटलिपुत्र यूनिवर्सिटी के UG 2025-29 फर्स्ट सेमेस्टर परीक्षा फॉर्म की आखिरी तारीख नजदीक