न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
सुपौल - बिहार के सुपौल जिले के जदिया थाना क्षेत्र अंतर्गत हीरापट्टी वार्ड संख्या 11 में मंगलवार देर शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया। खेत में पटवन (सिंचाई) के दौरान करंट लगने से एक महिला किसान की मौत हो गई। मृतका की पहचान हीरापट्टी निवासी भूषण कुमार की 35 वर्षीय पत्नी निर्मला देवी के रूप में हुई है। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
हाइलाइट्स:
- सुपौल के हीरापट्टी गांव में महिला किसान की करंट से मौत
- पटवन के दौरान मोटर चलाते समय हुआ हादसा
- परिजनों ने लटकते बिजली तार को बताया जिम्मेदार
- अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
- ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल
- हर खेत तक सुरक्षित बिजली आपूर्ति की मांग तेज
पटवन के दौरान हुआ हादसा
परिजनों के मुताबिक, निर्मला देवी अपने मक्के के खेत में सिंचाई कर रही थीं। इसी दौरान मोटर चलाने के क्रम में अचानक उन्हें बिजली का करंट लग गया। करंट लगते ही वह गंभीर रूप से झुलस गईं और मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ीं। घटना के बाद आनन-फानन में परिजन उन्हें अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का आरोप: लटकता तार बना मौत का कारण
मृतका के भाई ने आरोप लगाया कि घटनास्थल पर सरकारी बिजली का तार काफी नीचे लटका हुआ था, जो इस हादसे की बड़ी वजह बना। उन्होंने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते बिजली व्यवस्था दुरुस्त होती, तो यह हादसा टल सकता था। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए, जहां चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों में बिजली विभाग के प्रति काफी नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बिजली व्यवस्था लंबे समय से बदहाल है और कई जगहों पर तार नीचे लटके हुए हैं, जो कभी भी जानलेवा साबित हो सकते हैं।
मुखिया ने उठाए गंभीर सवाल
स्थानीय मुखिया राजेश यादव ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि क्षेत्र में बिजली व्यवस्था बेहद खराब स्थिति में है। उन्होंने बताया कि किसानों को खेतों तक बिजली सुविधा नहीं मिलने के कारण मजबूरन निजी तार खींचकर सिंचाई करनी पड़ती है, जो बेहद खतरनाक है। उन्होंने कहा कि पंचायत में तीन राजस्व गांव होने के बावजूद खेतों तक बिजली पोल और तार की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे इस तरह के हादसे बार-बार हो रहे हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद जदिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। हालांकि, परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार करते हुए शव को घर ले गए। पुलिस का कहना है कि आवेदन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।घटना के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि हर खेत तक सुरक्षित और व्यवस्थित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
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