न्यूज11 भारत
पटना/डेस्क: पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के ऊपर हुई कार्रवाई के बाद बिहार में सियासी गर्मी साफ देखने को मिल रही है. सांसद पप्पू यादव के समर्थक सड़कों में ऊतरकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. समर्थकों का कहना है कि पुलिस प्रशसन ने जो भी किया है वह सही नहीं है. वहीं इसी बीच पप्पू यादव के फेसबुक पर एक पोस्ट किया गया है. पोस्ट के माध्यम से उन्होंने सरकार से कई सारे सवाल किए हैं.
सांसद पप्पू यादव के फेसबुक पर यह हुआ पोस्ट
माननीय गृह मंत्री जी
श्री Samrat Choudhary जी,
जिस तरह से बिहार में कानून और लॉ एंड ऑर्डर को ताक पर रखकर एक निर्वाचित सांसद के साथ आपकी पुलिस ने व्यवहार किया है, क्या वह उचित है? क्या यही कानून का राज है?
31 साल पुराने मामले में बेल टूटने पर न कोई सूचना दी गई, न कोई समन, न कोई नोटिस… फिर भी माननीय सांसद श्री पप्पू यादव जी को ऐसे गिरफ्तार किया गया जैसे वह कोई दुर्दांत अपराधी हों. क्या यही सुशासन है? क्या यही 'ना फंसाते हैं, ना बचाते हैं” वाली सरकार है?
आपका और सांसद जी का पारिवारिक रिश्ता रहा है. आपके पूज्य पिताजी आदरणीय शकुनी चौधरी जी के साथ उन्होंने राजनीति में काम किया. आपकी माता जी का उन्हें पुत्रवत स्नेह प्राप्त रहा. बावजूद इसके आज जब उन्हीं के साथ अन्याय हो रहा है तो आपका मौन जनता को बहुत पीड़ा देता है.
सांसद महोदय लोकसभा की कार्यवाही के बाद स्वयं न्यायालय में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने आए थे, फिर रात के 1 बजे गिरफ्तारी की जल्दबाजी क्यों? किस कानून के तहत आधी रात को ऐसे कदम उठाए गए?
आपके सीनियर एसपी कार्तिकेय शर्मा को ना जाने आदरणीय सांसद जी से क्या खुन्नस है कि वे एक बार फिर से उन्हें मानसिक और शारीरिक यातना देने के लिए कानून की हद पार करने से भी नहीं हिचके. उन्होंने रात के अंधेरे में सेल के इंस्पेक्टर दीपक कुमार को सिविल ड्रेस और गन के साथ सांसद महोदय के आवास पर भेजा, जैसे वे फरार चल रहे हैं.
यह वही इंस्पेक्टर है, जिस पर दरभंगा एसपी साहब ने लाखों का पैसा लेकर काम करने के मामले में विभागीय जांच करवाई थी. इनके ऐसे कई कारनामे हैं, इसलिए जिस तरह वह रात के अंधेरे में माननीय सांसद महोदय को गिरफ्तार करने आए थे, कहीं ना कहीं हत्या की साजिश की आशंका हो गई थी. मगर मीडिया कर्मियों की उपस्थिति और सुरक्षा गार्ड की वजह से उनका मंशा पूरा ना हो सका. ये दीपक कुमार, आपके सीनियर एसपी को रिपोर्ट करते हैं, ऐसी जानकारी है.
आखिर एसएसपी कार्तिकेय शर्मा जी को माननीय सांसद महोदय से क्या परेशानी है, ये वही जाने? जबकि सांसद महोदय का व्यक्तिगत या किसी भी तरह से उनसे कोई अदावत नहीं है. फिर भी लॉरेंस विश्नोई धमकी वाले मामले में भी पूर्णिया में एसपी रहते उन्होंने जान बुझ कर आरा के किसी युवा को जबरन आदरणीय सांसद के खिलाफ बयान दिलवा कर झूठी कहानी गढ़ी थी और बाद में उस युवक ने सब कुछ कबूल लिया था कि पूरी कहानी में पुलिस की भूमिका थी. कार्तिकेय शर्मा जी, की पुलिसिंग के तरीके पर तब भी सांसद महोदय ने प्रिविलेज दिया था. अब एक बार फिर से उन्होंने बेल टूटने के मामले में यही किया है.
मंत्री जी, क्या बिहार में अब सच बोलना अपराध हो गया है?
क्या जनता की आवाज़ उठाना पुलिस की नजर में दोष बन गया है?
क्या एक सांसद के साथ ऐसा व्यवहार करके सरकार लोकतंत्र को कमजोर नहीं कर रही?
माननीय सम्राट चौधरी जी, आप ही बताइए, जो आज सांसद महोदय के साथ हो रहा है, क्या वो सही है, जबकि वो तो खुद कानून और लॉ एंड ऑर्डर को बहाल करने में हमेशा सहयोग करते हैं?
निजी सचिव
दिल्ली कार्यालय
यह भी पढ़ें: खेलगांव में आयोजित मिलन समारोह में शामिल हुए सुदेश महतो, आम जनता से किया ये अपील