न्यूज 11 भारत/बिहार डेस्क
राहुल कुमार/शेरघाटी: गुरुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती मरीजों के लिए करीब तीन महीने से भोजन की व्यवस्था बंद रहने का मामला सामने आया है। अस्पताल में भर्ती मरीजों को अस्पताल की ओर से भोजन नहीं मिलने के कारण उन्हें या उनके स्वजन को बाहर से खाना खरीदकर गुजारा करना पड़ रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों और उनके स्वजन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रसव के लिए भर्ती महिला ने बताया- अस्पताल से नहीं मिला खाना
गुरुआ सीएचसी में प्रसव के लिए भर्ती मथुरापुर निवासी सुनीता देवी ने बताया कि वह प्रसव के लिए एक दिन से अस्पताल में भर्ती हैं। उनसे अस्पताल की ओर से भोजन मिलने के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि उन्हें अस्पताल से कोई खाना नहीं मिला है। ऐसे में भर्ती मरीजों को भोजन के लिए बाहर परिजनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
गैस की कमी के कारण भोजन बंद होने की बात
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. हरेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि अस्पताल में भर्ती मरीजों को भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सिंह सर्विसेज नामक आउटसोर्सिंग एजेंसी को दी गई है। उन्होंने बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच उत्पन्न तनाव के दौरान गैस की किल्लत होने का हवाला देते हुए एजेंसी ने अस्थायी रूप से भोजन की आपूर्ति बंद कर दी थी।
उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से एजेंसी को कई बार भोजन की व्यवस्था पुन: शुरू करने के लिए कहा गया है। इस संबंध में जिला मुख्यालय स्थित सिविल सर्जन को भी पत्राचार कर एजेंसी द्वारा मरीजों को भोजन उपलब्ध नहीं कराए जाने की जानकारी दी गई है।
डॉ. सिंह ने बताया कि अस्पताल में सामान्य तौर पर छह से सात मरीज भर्ती रहते हैं। अस्पताल के पास किसी अन्य मद अथवा फंड से मरीजों के लिए भोजन की वैकल्पिक व्यवस्था करने का प्रावधान नहीं है। बिहार सरकार से आवंटन प्राप्त होने के बाद ही एजेंसी को भुगतान किया जाता है। इसमें सामान्य तौर पर चार से छह महीने का समय लग जाता है।
एजेंसी बोली- दो से तीन दिन में शुरू होगा भोजन
सिंह सर्विसेज के प्रोपराइटर अविनाश कुमार ने बताया कि गैस की किल्लत के कारण मरीजों तक खाना पहुंचाने में परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि एजेंसी की ओर से भोजन व्यवस्था शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है और अगले दो से तीन दिनों के अंदर मरीजों को भोजन मिलना शुरू हो जाएगा।
हालांकि, गैस आपूर्ति को लेकर एजेंसी और गैस आपूर्तिकर्ता के पक्ष में अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। गैस एजेंसी की ओर से कहा गया है कि गैस की कोई किल्लत नहीं है। ऐसे में अस्पताल में भोजन की आपूर्ति आखिर इतने लंबे समय से क्यों बाधित है, यह सवाल भी उठ रहा है।