न्यूज़11 भारत
बिहार/डेस्क: चुनावी माहौल के बीच बिहार में लागू शराबबंदी के बावजूद राज्य में शराब तस्करी के बड़े मामले ने सुर्खियां बटोर ली हैं. मुजफ्फरपुर में उत्पाद विभाग की ताजातरीन छापेमारी में लगभग एक करोड़ रुपये मूल्य की विदेशी शराब जब्त की गई है और पांच तस्करों को गिरफ्तार किया गया है. अधिकारियों का अनुमान है कि यह खेप पंजाब से लाई गई थी और इसे राज्य के अन्य जिलों में सप्लाई किया जाना था.
उत्पाद विभाग की टीम ने तुर्की थाना क्षेत्र के पास, मुजफ्फरपुर–हाजीपुर हाईवे के समीप स्थित एक गोदाम पर छापा मारा. छापेमारी में विभिन्न ब्रांडों की कुल 960 कार्टून विदेशी शराब जब्त हुई, साथ ही एक टाटा 407 ट्रक और एक पिकअप वैन भी पकड़ी गई. गोदाम में छापेमारी के समय पांच सप्लायर्स मौजूद थे; उन्हें गिरफ्तार कर उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं. पूछताछ में गिरफ्तार लोगों ने बताया कि यह खेप पंजाब से लाई गई थी और बिहार के अन्य जिलों में वितरित की जानी थी.
बिना रुकावट पहुंच रही भारी खेप, सवाल खड़े
बिहार में 2016 से लागू शराबबंदी के बावजूद इतने बड़े पैमाने पर शराब की आपूर्ति और माफिया नेटवर्क की सक्रियता ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि बड़ी खेपें दूसरे राज्यों से राज्य में कैसे बिना विघ्न के पहुंच रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि मामले की तह तक जाने के लिए आगे की जांच जारी है और जांच में "किंगपिन" किसका है, यह भी सामने आएगा.
राजनीतिक और प्रशासनिक असर
मामला ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार में विधानसभा चुनावी प्रक्रिया चल रही है और चुनाव तिथियां भी निकट मानी जा रही हैं. राजनीतिक घुमाव के बीच शराबबंदी के प्रभाव और उसके पालन को लेकर चर्चाएँ तेज हो गई हैं. जनसुराज के नेता प्रशांत किशोर ने शराबबंदी कानून को “फर्जी” करार देते हुए कहा है कि बंदिशों के कारण आसपास के प्रदेशों के राजस्व में वृद्धि हो रही है और बिहार को नुकसान उठाना पड़ रहा है. उन्होंने कहा है कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो वह इस कानून को समाप्त कर देंगे.
आगे की कार्रवाई
प्रशासन ने कहा है कि मामले की विस्तृत जांच और स्रोत ट्रेस करने के लिए संबंधित दस्तावेज, कारोबारी रेकॉर्ड और परिवहन-पहचान के प्रमाण जुटाए जा रहे हैं. उत्पाद विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम इस गिरोह के पीछे लगे नेटवर्क, सप्लायर चेन और संभावित संरक्षण के पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है. अधिकारियों ने कहा है कि मामले में और गिरफ्तारी संभव है और जब्त शराब के विस्तृत परीक्षण व प्रासंगिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
ये भी पढ़ें- मध्यप्रदेश और राजस्थान में जहरीले खांसी के सिरप पीने से अब तक 11 बच्चों की मौत, स्वास्थ्य विभाग ने तेज की जांच