धीरज कुमार सिंह/न्यूज़11 भारत
जमुई/डेस्क: जदयू ने अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पूर्व एमएलसी संजय प्रसाद को पार्टी से तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए निष्कासित कर दिया हैं. जदयू के जिला अध्यक्ष शैलेंद्र महतो ने शनिवार को इसकी पुष्टि की. उन्होंने बताया कि प्रदेश मुख्यालय प्रभारी सह प्रदेश महासचिव चंदन कुमार सिंह ने इस संबंध में पत्र जारी किया हैं. संजय प्रसाद 2020 के विधानसभा चुनाव में जदयू के टिकट पर चकाई विधानसभा सीट से चुनाव लड़े थे. उस चुनाव में जदयू को करारी हार का सामना करना पड़ा था और संजय प्रसाद तीसरे स्थान पर रहे थे. उस समय निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे सुमित सिंह ने जीत हासिल की थी. बाद में सुमित सिंह ने एनडीए को समर्थन देकर बिहार सरकार में मंत्री पद पाया. आगामी 2025 के विधानसभा चुनाव में जदयू ने सुमित सिंह पर भरोसा जताते हुए उन्हें चकाई विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया हैं. इसी फैसले से नाराज़ होकर पूर्व एमएलसी संजय प्रसाद ने पार्टी लाइन से अलग होते हुए निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया. उन्होंने चकाई सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया हैं.
पार्टी ने संजय प्रसाद के इस कदम को गंभीर अनुशासनहीनता और संगठन विरोधी गतिविधि मानते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की हैं. जिला अध्यक्ष शैलेंद्र महतो ने कहा संजय प्रसाद को पहले भी पार्टी ने पूरा सम्मान दिया था. 2020 में उन्हें टिकट देकर मौका दिया गया था, लेकिन इस बार उन्होंने पार्टी के निर्णय की अवहेलना की हैं. ऐसे में जदयू संगठन के अनुशासन से कोई समझौता नहीं करेगी. पार्टी सूत्रों के अनुसार, संजय प्रसाद के निर्दलीय चुनाव लड़ने के फैसले से चकाई विधानसभा सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो गया हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके मैदान में आने से सुमित सिंह और अन्य दलों के प्रत्याशियों के बीच वोटों का बंटवारा हो सकता हैं.
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