न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क(राहुल, शेरघाटी) बिहार के गया जिला अंतर्गत गुरुआ बाजार स्थित एक आभूषण दुकान से करीब ₹45 लाख के सोने और नगदी की चर्चित डकैती मामले में गया पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात आमस थाना क्षेत्र के बनाही बालू घाट के पास पुलिस और अपराधियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में दो कुख्यात बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया है. मुठभेड़ के दौरान दोनों अपराधियों के पैर में गोली लगी है, जिन्हें इलाज के लिए गया के मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
गुप्त सूचना पर पुलिस ने बिछाया था जाल
मामले की जानकारी देते हुए गया के एसएसपी सुशील कुमार ने मंगलवार को बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गुरुआ डकैती कांड में शामिल अपराधी किसी अन्य बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं. सूचना मिलते ही तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया गया. पुलिस टीम ने आमस थाना क्षेत्र के बनाही बालू घाट के पास घेराबंदी कर अपराधियों को दबोचने का प्लान बनाया.
अपराधियों ने की फायरिंग, पुलिस ने दिया करारा जवाब
एसएसपी के मुताबिक, बालू घाट के पास जब पुलिस टीम ने संदिग्धों को रुकने और आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, तो अपराधियों ने खुद को घिरता देख पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की. इस मुठभेड़ में डकैती कांड के मुख्य आरोपी सुजीत चौधरी के पैर में तीन गोलियां लगीं, जबकि उसके दूसरे साथी (जिसका नाम मल्लाह बताया जा रहा है) के पैर में एक गोली लगी. पुलिस ने दोनों को मौके से ही धर दबोचा.
गुनाह कबूला, लूटा गया सोना भी बरामद
पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद शुरुआती पूछताछ में दोनों आरोपियों ने गुरुआ स्थित ज्वेलरी दुकान में हुई डकैती में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है. पुलिस ने अपराधियों के कब्जे से डकैती के दौरान लूटा गया सोना भी बरामद कर लिया है, जिसे वे ठिकाने लगाने की तैयारी में थे. हालांकि, बरामद किए गए सोने की सटीक मात्रा और उसकी कीमत का खुलासा पुलिस ने अभी आधिकारिक तौर पर नहीं किया है.
तीन अपराधी अब भी फरार, छावनी में बदला अस्पताल
एसएसपी सुशील कुमार ने बताया कि इस सनसनीखेज डकैती कांड में शामिल गिरोह के तीन अन्य सदस्य अभी फरार हैं. उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं और विभिन्न इलाकों में कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है. दूसरी ओर, अपराधियों के रसूख और सुरक्षा को देखते हुए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर को छावनी में बदल दिया गया है, जहां भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच दोनों घायलों का इलाज चल रहा है.
इलाके में था दहशत का माहौल
गौरतलब है कि गुरुआ बाजार जैसी व्यस्त जगह पर दिनदहाड़े हुई इस बड़ी डकैती के बाद से स्थानीय व्यवसायियों और आम लोगों में भारी दहशत का माहौल था. पुलिस की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई को इलाके में कानून का इकबाल बुलंद करने की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही गिरोह के बाकी सदस्यों को भी सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा.