न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: दुनिया के कुछ हिस्सों में बढ़ते ईबोला वायरस (Ebola Virus) के मामलों को देखते हुए बिहार का स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह सतर्क हो गया है. किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए राजधानी पटना के सबसे बड़े अस्पताल PMCH (पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल) में 4 बेड का एक स्पेशल वार्ड आरक्षित कर दिया गया है. इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को जीवन रक्षक दवाएं, पीपीई (PPE) किट और आइसोलेशन से जुड़ी सभी तैयारियां चाक-चौबंद रखने के सख्त निर्देश दिए हैं.
बिहार में अब तक शून्य मामला, फिर भी एहतियात पूरी
स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल पूरे बिहार में इबोला संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया है. यह तमाम तैयारियां केवल वैश्विक स्तर पर बढ़ रहे मामलों को देखते हुए एहतियात के तौर पर की जा रही हैं. राज्य के सभी चिकित्सा केंद्रों को आदेश दिया गया है कि यदि कोई भी संदिग्ध मरीज नजर आता है, तो तुरंत इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी जाए.
आवश्यकता पड़ने पर बढ़ाए जाएंगे बेड, दानापुर में बना ऑब्जर्वेशन सेंटर
PMCH के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह के मुताबिक, सरकार की गाइडलाइंस का पालन करते हुए 4 बेड का विशेष आइसोलेशन वार्ड एक्टिव कर दिया गया है और जरूरत पड़ने पर बेड की संख्या तुरंत बढ़ा दी जाएगी.
वहीं, पटना के सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र प्रसाद मंडल ने बताया कि बाहर से आने वाले संदिग्धों की शुरुआती मॉनिटरिंग के लिए दानापुर अनुमंडलीय अस्पताल में एक विशेष 'ऑब्जर्वेशन सेंटर' स्थापित किया गया है, जहां संदिग्ध मरीजों को आइसोलेट कर उनकी जांच की जाएगी.
डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को मिलेगी स्पेशल ट्रेनिंग
इस गंभीर बीमारी से निपटने और खुद को सुरक्षित रखने के लिए डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा. स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों में सुरक्षा उपकरणों (Safety Gears) की सप्लाई सुनिश्चित करने में जुटा है, ताकि इलाज के दौरान कोई और संक्रमित न हो.
क्या है इबोला और इसके मुख्य लक्षण?
चिकित्सकों के अनुसार, इबोला एक बेहद जानलेवा और संक्रामक वायरल बीमारी है. यह किसी संक्रमित मरीज के रक्त (Blood), पसीने, लार, उल्टी या अन्य शारीरिक द्रव्यों (Body Fluids) के सीधे संपर्क में आने से फैलती है. इसके शुरुआती लक्षणों में शामिल हैं:
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अचानक तेज बुखार आना और शरीर में अत्यधिक कमजोरी लगना.
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सिर में तेज दर्द और गले में खराश होना.
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उल्टी, दस्त होना और बीमारी बढ़ने पर शरीर के अंदरूनी या बाहरी हिस्सों से ब्लीडिंग (रक्तस्राव) होना.
अफवाहों से बचें, स्वास्थ्य विभाग की जनता से अपील
प्रशासन ने आम जनता से पैनिक न होने और किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करने की अपील की है. स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि व्यक्तिगत साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, समय-समय पर हाथ धोते रहें और यदि किसी व्यक्ति में ऐसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.