न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
अश्मित सिन्हा / पटना : अवकाश की स्वीकृति के बगैर ड्यूटी से गायब रहने वाले चिकित्सक निलंबित किए जाएंगे। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी होगी। स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि ने सभी सिविल सर्जनों को निर्देश दिया कि अस्पतालों में ड्यूटी का रोटेशन नियमों के अनुसार पालन हो। रोस्टर ड्यूटी से अनुपस्थित चिकित्सकों की सूचना अविलंब विभाग को दी जाए।
होगी विभागीय कार्रवाई
सरकारी ड्यूटी के दौरान अनुपस्थिति रहते हुए निजी प्रैक्टिस किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। अगर कोई चिकित्सक ड्यूटी के समय निजी प्रैक्टिस करते हुए पाया गया, तो उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई होगी। बेहतर कार्य करने वाले चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित किया जाएगा।
अस्पतालों की समीक्षा
स्वास्थ्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अरवल, भोजपुर, लखीसराय एवं सहरसा जिलों के सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। संबंधित जिलों के सिविल सर्जनों एवं अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिला अस्पतालों में 24×7 आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। भोजपुर जिला के सदर अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रहीं। अस्पताल में ड्यूटी रोस्टर की नियमित निगरानी सिविल सर्जन द्वारा की जा रही है। स्वास्थ्य सचिव ने अन्य जिलों को भी इस मॉडल को अपनाने का निर्देश दिया।
तीन महत्वपूर्ण निर्देश
- 1. मरीजों को अकारण निजी अस्पताल में भेजने में संलिप्त चिकित्सकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
- 2. अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक ज्यादा से ज्यादा सर्जरी करें। ऑपरेशन अकारण टाले न जाएं।
- 3. ड्यूटी रोस्टर का प्रभावी क्रियान्वयन हो, 24×7 इमरजेंसी सेवाओं को और व्यवस्थित किया जाए।