जेनरेटर होने के बावजूद शेरघाटी अस्पताल में अंधेरा, प्रसूताएं बेहाल

जेनरेटर होने के बावजूद शेरघाटी अस्पताल में अंधेरा, प्रसूताएं बेहाल

आंधी-पानी से शॉर्ट सर्किट के बाद ठप रही बिजली, मोबाइल टॉर्च के सहारे इलाज

जेनरेटर होने के बावजूद शेरघाटी अस्पताल में अंधेरा प्रसूताएं बेहाल

राहुल कुमार/न्यूज11  भारत

शेरघाटी/डेस्क: तेज आंधी और बारिश के बाद बिजली व्यवस्था चरमराने से शेरघाटी अनुमंडलीय अस्पताल की हालत  बदहाल हो गई. सुबह करीब 11 बजे से बिजली आपूर्ति ठप हो जाने के कारण पूरे दिन अस्पताल अंधेरे में डूबा रहा. सबसे हैरानी की बात यह रही कि अस्पताल में जेनरेटर होने के बावजूद उसे चालू नहीं किया जा सका.

बिजली गुल होने का सबसे ज्यादा असर प्रसूति वार्ड में देखने को मिला, जहां भर्ती महिलाएं और उनके परिजन मोबाइल टॉर्च के सहारे किसी तरह समय काटते नजर आए. वार्डों में अंधेरा होने से मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी.

आमस प्रखंड के फोरमधु गांव से आई सोनी देवी के पास तो मोबाइल भी नहीं था. उनकी देखभाल कर रहीं जानकी देवी ने बताया कि मोबाइल की बैटरी खत्म हो जाने के कारण वे पूरी तरह अंधेरे में रहने को मजबूर हैं. वहीं तेतरिया गांव की रिकी कुमारी ने बताया कि दोपहर से ही बिजली नहीं है, जिससे शाम होते ही पूरे वार्ड में घुप्प अंधेरा छा गया.

रिकी कुमारी के पति मुकेश कुमार ने चिंता जताते हुए कहा कि मोबाइल भी धीरे-धीरे डिस्चार्ज हो रहा है, ऐसे में पूरी रात अंधेरे में गुजरने की आशंका है.

मरम्मत में देरी, दिनभर रही अफरातफरी

जानकारी के अनुसार, सुबह से ही बिजली व्यवस्था में गड़बड़ी थी, लेकिन मिस्त्री को दोपहर करीब 3 बजे बुलाया गया. उसने देर शाम तक मरम्मत का प्रयास किया, बावजूद इसके बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी. इससे पूरे दिन अस्पताल परिसर में अफरातफरी की स्थिति बनी रही.

जिम्मेदार अधिकारी रहे नदारद

स्थिति को और गंभीर बनाते हुए अस्पताल के हेल्थ मैनेजर मुख्यालय में मौजूद नहीं थे, जबकि उपाधीक्षक भी अस्पताल से अनुपस्थित पाए गए. जिम्मेदार अधिकारियों की गैरमौजूदगी ने अव्यवस्था को और बढ़ा दिया.

जब इस संबंध में डॉ. राजाराम प्रसाद (सिविल सर्जन, गया) से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अस्पताल की बिजली व्यवस्था की जिम्मेदारी उपाधीक्षक की है और मामले की जानकारी ली जा रही है.

पहले भी विवादों में रहा है अस्पताल

गौरतलब है कि शेरघाटी अनुमंडलीय अस्पताल पहले भी लापरवाही को लेकर सुर्खियों में रहा है. हाल ही में एक नवजात की मौत के बाद यहां हंगामा हुआ था और कई कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था.
ताजा घटना के बाद मरीजों और उनके परिजनों में भारी आक्रोश है.

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