भारतीय वायु सेना का एएन-32 विमान क्रैश, हादसे में बिहार के अग्निवीर वायु सैनिक दानिश आलम हुए शहीद

भारतीय वायु सेना का एएन-32 विमान क्रैश, हादसे में बिहार के अग्निवीर वायु सैनिक दानिश आलम हुए शहीद

असम के जोरहाट में वायु सेना का AN-32 विमान क्रैश होने से भोजपुर के कायमनगर निवासी अग्निवीर वायु सैनिक दानिश आलम शहीद हो गए। इकलौते बेटे की शहादत से परिवार और पूरे जिले में शोक की लहर है।

भारतीय वायु सेना का एएन-32 विमान क्रैश हादसे में बिहार के अग्निवीर वायु सैनिक दानिश आलम हुए शहीद

न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क (संजय श्रीवास्तव, आरा) बिहार के भोजपुर जिले ने देश की रक्षा में अपना एक और जांबाज बेटा खो दिया है। असम के जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन के समीप शनिवार को भारतीय वायु सेना (IAF) का एएन-32 (AN-32) विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस बेहद दर्दनाक हादसे में कोईलवर प्रखंड के कायमनगर गांव निवासी 22 वर्षीय अग्निवीर वायु सैनिक दानिश आलम देश की सेवा करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए। दानिश अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। उनकी शहादत की खबर मिलते ही पूरे भोजपुर जिले और उनके पैतृक गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

बचपन से था देश सेवा का जुनून, जून 2025 में ही बिहटा से शुरू किया था सफर

मोहम्मद फारूक आलम और अख्तरी बेगम के एकमात्र लाडले दानिश आलम का सपना बचपन से ही भारतीय वायु सेना की वर्दी पहनने का था। अपनी कड़ी मेहनत के बदौलत उन्होंने 'अग्निवीर वायु योजना' के तहत सफलता हासिल की थी। उन्होंने पिछले साल 29 जून 2025 को बिहटा एयरफोर्स स्टेशन में अपना योगदान दिया था। इसके बाद वे ट्रेनिंग के लिए कर्नाटक के बेलगांव भेजे गए। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद, अक्टूबर 2025 से उनकी तैनाती असम के जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन पर चल रही थी।

23 मई को छुट्टी पर आए थे घर, दो बहनों के अकेले भाई थे दानिश

परिजनों ने बताया कि दानिश की दो बड़ी बहनें (शगुफ्ता परवीन और गजाला परवीन) हैं, जिनका वो इकलौता भाई था। दानिश के पिता गया जिले के इंडस्ट्रियल एरिया में एक निजी कंपनी में काम करते हैं। दानिश अभी हाल ही में 23 मई को छुट्टी लेकर अपने परिवार से मिलने गांव आए थे। घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन किसे पता था कि 30 मई को ड्यूटी पर वापस लौट रहे दानिश से यह उनकी आखिरी मुलाकात होगी।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, सांत्वना देने पहुंच रहे हजारों लोग

घर के इकलौते कमाऊ और चिराग बेटे की शहादत की खबर जैसे ही कायमनगर गांव पहुंची, चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। माता-पिता और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस दुख की घड़ी में पूरे गांव के चूल्हे नहीं जले हैं। दानिश की शहादत पर गर्व और उनके खोने का गम हर ग्रामीण की आंखों में साफ देखा जा सकता है। स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और दूर-दराज से रिश्तेदार शहीद के घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं।

रविवार को पैतृक गांव पहुंचेगा पार्थिव शरीर, राजकीय सम्मान के साथ होगी विदाई

वायु सेना के अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, शहीद अग्निवीर दानिश आलम का पार्थिव शरीर रविवार को उनके पैतृक आवास कायमनगर लाया जाएगा। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए घर पर सुबह से ही हजारों लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। पूरे सम्मान और सैन्य व राजकीय रीति-रिवाजों के साथ वीर सपूत को अंतिम विदाई दी जाएगी।

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